फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घनश्याम और अंजनी की तलाश में दबिश

विज्ञापन
विज्ञापन
अधिवक्ता हत्याकांड
विज्ञापन

---------------
पुलिस के लिए चुनौती
बने घनश्याम, अंजनी
गिरफ्त से बचने को नए मोबाइल व सिम का प्रयोग कर रहे आरोपी
कई रिश्तेदारों को पकड़ा गया, घनश्याम के दोस्तों पर भी नजर
इलाहाबाद। अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव हत्याकांड में अब सिर्फ घनश्याम और अंजनी की ही गिरफ्तारी शेष है। इन दोनों की मार्फत ही फिरौती की रकम शमशाद और शूटरों को मिली थी। घटना के बाद दोनों फरार हैं। जांच में पता चला है कि घटना के बाद दोनों ही नए मोबाइल और सिम का प्रयोग कर रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से नया सिम भी बंद हैं।
घनश्याम और अंजनी श्रीवास्तव की तलाश में पुलिस ने शनिवार को इलाहाबाद से लेकर लखनऊ तक दबिश दी। शमशाद की गिरफ्तारी के बाद दोनों के नए नंबर पुलिस को मिल गए हैं लेकिन अब वे भी बंद हैं। अंतिम लोकेशन के आधार पर दोनों की तलाश की जा रही है। अंजनी तो पहले भी जेल जा चुका है। पुलिस का मानना है कि दोनों साथ में हैं। दोनों के घर वालों और रिश्तेदारों से पूछताछ हो रही है। कुछ लोगों को पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। घनश्याम ने घटना के बाद अपने रिश्तेदार से फोन पर बात की थी। उस रिश्तेदार से पूछताछ हो रही है। उसके सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। दोनों के घर वालों समेत करीबी रिश्तेदारों के नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं, लेकिन दोनों अपने किसी रिश्तेदार से संपर्क नहीं कर रहे हैं। घनश्याम के दोस्तों पर भी नजर रखी जा रही है। उन दोनों के पकड़े जाने के बाद ही पता चलेगा कि होटल मालिक से उन्होंने शूटरों को देने के लिए कितने रुपये लिए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिवक्ता हत्याकांड
दोनों शूटर सहित सभी आरोपी भेजे गए जेल
इलाहाबाद। अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव की हत्या में गिरफ्तार शूटर शमशाद अली, विशाल विश्वकर्मा और मो. रईस को कोर्ट ने न्यायिक अभिरक्षा में लेकर सात जून तक के लिए जेल भेज दिया है। अभियोजन के अनुसार जिला न्यायालय के अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव की दस मई को घर से कचहरी आते समय मनमोहन पार्क के पास गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। मामला कर्नलगंज थाने में दर्ज किया गया है। एसटीएफ की टीम ने अभियुक्त शमशाद अली, विशाल विश्वकर्मा और मो. रईस को गिरफ्तार कर शुक्रवार को देर शाम सीजेएम के समक्ष पेश किया। कोर्ट ने अभियुक्तों को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें