हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर चक्काजाम
धारदार हथियार से हुई थी किराना दुकानदार की हत्या
टीबी अस्पताल के पास प्रदर्शन, लगा लंबा जाम
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। शिवकुटी में किराना दुकानदार के हत्यारेापियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सोमवार को स्थानीय लोगों ने टीबी अस्पताल चौराहे पर जाम लगा दिया। दो घंटे तक चले इस जाम के चलते इलाहाबाद-लखनऊ मार्ग पर आवागमन ठप हो गया। साथ ही दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। अफसरों ने किसी तरह समझाकर लोगोें को शांत कराया।
अमर पासी(27) पुत्र भरतलाल तेलियरगंज के नया गांव मोहल्ले का रहने वाला था। वह घर में ही किराने की दुकान चलाता था। भाई आनंद ने पुलिस को दी गई तहरीर में कहा है कि रविवार रात 9.30 बजे के करीब बहन अंजना के फोन पर कॉल आई। इसमें बताया गया कि अमर लहुलुहान हालत में घर से करीब 300 मीटर दूर टीबी अस्पताल के सर्वेंट क्वार्टर के पास पड़ा है। घरवाले पहुंचे तो उसकी हालत गंभीर थी। पुलिस को सूचना देकर उसे एसआरएन अस्पताल ले जाया गया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। भाई ने पुलिस को टीबी अस्पताल सर्वेंट क्वार्टर में रहने वाले संदीप मेहतर व उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। सोमवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर घर के लिए रवाना हुए। ढाई बजे के करीब टीबी अस्पताल चौराहे पर शव रखकर उन्होंने जाम लगा दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी पहुंच गए थे। जाम के चलते इलाहाबाद-लखनऊ मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया। सूचना मिली तो शिवकुटी थाने की फोर्स पहुंच गई। हालांकि लोग जाम खत्म करने को राजी नहीं हुए। बाद में सीओ कर्नलगंज आलोक मिश्रा भी पहुंचे। दो घंटे की मान-मनौव्वल के बाद सीओ ने जल्द से जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया तब जाकर लोग शंात हुए। इसके बाद जाम खत्म हुआ और तब जाकर आवागमन शुरू हुआ।
रुपयों के विवाद की बात आई सामने
पुलिस अभी मामले पर कुछ भी खुलकर नहीं बोल रही है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि अब तक कि जांच पड़ताल में मृतक व आरोपी के बीच रुपयों के लेनदेन के विवाद की बात सामने आई है। सूत्रों की मानें तो मृतक ब्याज पर रुपये बांटता था। उसने काफी पैसा आरोपी संदीप को दिया था। साल भर से ज्यादा समय बीतने के बाद भी वह पैसा वापस नहीं कर रहा था। रविवार को भी इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद होने की बात सामने आई है। शिवकुटी थाने के प्रभारी घनश्याम निषाद का कहना है कि आरोपियों के पकड़े जाने के बाद ही कुछ स्पष्ट तौर से कहा जा सकेगा। उनकी तलाश की जा रही है।