प्रयागराज। कुंभ मेले के पहले शाही स्नान के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए हाईटेक उपकरणों का भी सहारा लिया गया। संगम की रेती पर जहां हाईटेक स्कूटर एटीवी(आल टिरेन वेहिकल) दौड़ाए गए तो सर्विलांस व ट्रैफिक मैनेजमेंट के उद्देश्य से ड्रोन भी उड़ाए गए। उधर मेला के साथ ही शहर क्षेत्र में भी चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात रही।
सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहे, इसके लिए ही मेला पुलिस की ओर से इस बार कई हाईटेक उपकरण भी मंगाए गए हैं। एटीवी भी इनमें से एक है। एटीवी वह स्कूटरनुमा वाहन है जो जमीन के साथ ही रेत व दलदली भूमि भी तेजी से दौड़ पाने में सक्षम हैं। मकर संक्रांति के मौके पर संगम की रेती पर एटीवी भी दौड़ाए गए। साथ ही निगहबानी के लिए 13 ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया गया। अफसरों ने बताया कि ड्रोन कैमरों का उपयोग सर्विलांस के साथ ही ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए भी किया गया। सुरक्षा के लिहाज से बात करें तो केवल मेला क्षेत्र में 20 हजार जवान तैनात किए गए थे। 37 कंपनी पैरामिलिट्री के जवान भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मुस्तैद किए गए थे। इसके अलावा 20 कंपनी पीएसी के जवान भी लगाए गए थे। अफसरों ने बताया कि कुल जवानों में से आठ हजार जवान सिविल व आर्म्ड पुलिस के थे। 6500 होमगार्ड के जवान भी विभिन्न प्वाइंट पर लगाए गए। फोर्स के समन्वय की जिम्मेदारी 53 डिप्टी एसपी व 13 एडिशनल अफसरों के जिम्मे थी। घुड़सवार पुलिस की भी तैनाती मेले में की गई थी। एडिशनल एसपी नीरज पांडेय ने बताया कि लगभग 20 हजार जवान सुरक्षा में तैनात रहे।
बाइक से चक्रमण करते रहे एटीएस कमांडो
मेले मेें नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) व एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड(एटीएस)के कमांडो भी तैनात किए गए थे। एटीएस कमांडोज की दो स्पॉट टीमें मेले के लिए बुलाई गई हैं। खास बात यह रही कि पहली बार एटीएस कमांडो चारपहिया की जगह बाइक पर घूमते नजर आए। इनमें महिला कमांडो भी शामिल रहीं।
..इसलिए पानी में भी सुरक्षित रहे श्रद्धालु
संगम में डुबकी लगाने के लिए आए श्रद्धालु स्नान के दौरान भी सुरक्षित रहें, इसके लिए जल पुलिस के साथ ही एनडीआरएफ व एसडीआरएफ के भी 800 जवान तैनात रहे। एनडीआरएफ की कुल 12 और एसडीआरएफ की दो टीमें घाट के किनारों पर तैनात की गई थीं। जवानों को नावों पर मुस्तैद किया गया था। उधर मोटरबोट से जल पुलिस के जवानों ने नावों पर भी नजरी रखी।
बैगेज स्कैनर से जांच गए संदिग्धों का सामान
कुंभ मेले में मंगलवार को पहली बार बैगेज स्कैनर भी लगाए गए। पुलिस अफसरों ने बताया कि संदिग्ध दिखाई देने वाले व्यक्तियों के सामान की जांच प्रवेश और निकासी प्वाइंट पर बैगेज स्कैनर से की गई। अफसरों ने बताया कि भीड़ को देखते हुए सभी का सामान बैगेज स्कैनर से जांचा जाना संभव नहीं था। यही वजह रही कि सिर्फ संदिग्धों का सामान इससे चेक किया गया। उधर महत्वपूर्ण स्थानों पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर(डीएफएमडी)भी लगाए गए थे।
एसपी संग आईजी खाली कराते रहे घाट
संगम नोज पर सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा खुद एसपी संगम पूर्णेंदु सिंह ने संभाल रखा था। लगातार घाट पर मौजूद रहकर वह खुद श्रद्धालुओं की सुरक्षा में मुस्तैद रहे। सीटी बजाकर वह घाट पर स्नान के बाद जमा श्रद्धालुओं को बाहर निकालते रहे। इसके अलावा आईजी मोहित अग्रवाल भी वहां मौजूद रहे। उन्होंने मातहतों को निर्देशित किया कि किसी भी हाल में स्नान के बाद घाट पर श्रद्धालुओं को जमा न होने दिया जाए।