पूर्व प्रधान ने रची थी साजिश, साढ़े चार लाख में दी गई थी सुपारी
करछना में डेढ़ महीने पहले हुए प्रधानपति हत्याकांड का खुलासा
एक नामजद समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने भेजा जेल
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। करछना में करीब डेढ़ महीने पहले हुए नरैना प्रधानपति संजय गौतम हत्याकांड का पुलिस ने रविवार को खुलासा कर दिया। एक नामजद समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने दावा किया कि पकड़े गए दोनों आरोपियों ने ही प्रधानपति पर गोलियां चलाई थी। पुलिस का यह भी कहना है कि साढ़े चार लाख रुपये में दोनों को संजय की हत्या की सुपारी दी गई थी। इनमें से एक को करछना और दूसरे को मुंबई से गिरफ्तार किया गया। मामले में नामजद पूर्व प्रधान समेत तीन सगे भाइयों की गिरफ्तारी अभी नहीं हो सकी है। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
करछना कीनरैना ग्रामसभा की प्रधान रेनू गौतम केपति संजय प्रॉपर्टी डीलिंग केसाथ ही ठेकेदारी करते थे। बीती सात जनवरी को करछना-कोहड़ौर मार्ग पर बाइकसवार दो बदमाशों ने तीन गोलियां मारकर उनकी हत्या कर दी थी। मामले में पूर्व प्रधान सुरेश, उसकेभाइयों रमेश, अनिल, रोजगार सेवक अजय और गांव में ही रहने वाले कृष्णकांत तिवारी सभी निवासी नरैना को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया था। विवेचना केदौरान नाम सामने आने पर पुलिस ने ऑटो चालक विनय, रामशिरोमणि पांडेय और नामजद आरोपी अजय को जेल भेज दिया था। रविवार को दो आरोपियों कृष्णकांत तिवारी और सुनीत तिवारी को गिरफ्तार कर पुलिस ने मीडिया केसामने पेश करते हुए खुलासे का दावा किया। एसपी यमुनापार दीपेंद्रनाथ चौधरी ने बताया कि इनमें कृष्णकांत पूर्व में ही नामजद था जबकि सुनील का नाम विवेचना केदौरान सामने आया। बताया कि इन दोनों ने ही प्रधानपति संजय को दाहिने और बाएं कनपटी पर असलहे सटाकर गोली मारी थी। एसपी केमुताबिक, इस हत्याकांड की साजिश पूर्व प्रधान सुरेश तिवारी ने रची थी। वह प्रधानी केचुनाव से ही संजय से खुन्नस रखता था। इधर गांव में कराए गए विकास कार्यों से संजय की लोगों में पूछ बढ़ने लगी तो सुरेश की खुन्नस रंजिश में बदल गई। उसने ही कृष्णकांत और सुनील को कुल मिलाकर साढ़े चार लाख रुपये की सुपारी दी। साथ ही अजय को भी इस साजिश में साथ कर लिया। इसकेबाद तय साजिश केमुताबिक प्रधानपति को मौत केघाट उतार दिया गया।
कृष्णकांत को साढ़े तीन, सुनील को मिलना था एक लाख
प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी यमुनापार ने बताया कि तय योजना केमुताबिक हत्या केलिए कृष्णकांत, सुनील को साढ़े चार लाख रुपये दिए जाने थे बताया कि सुरेश ने कृष्णकांत का 3.5 लाख रुपये का कर्ज चुकाने का वादा किया था। इसी तरह सुनील को एक लाख रुपये देने की बात कही गई थी।
लाइसेंसी रिवॉल्वर से चलाई थी गोली
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए कृष्णकांत ने प्रधानपति की हत्या में अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से भी गोली चलाई थी। पुलिस ने बताया कि कृष्णकांत केपास रिवॉल्वर का लाइसेंस है। उसने कुछ समय तक मुंबई में रहकर बतौर गनमैन भी काम किया है। गिरफ्तारी केसमय उसकेपास से हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी रिवॉल्वर बरामद कर ली गई है। इसकेसाथ ही तीन कारतूस और एक खोखा भी मिला है।
मुंबई केशांताक्रूज से हुई सुनील की गिरफ्तारी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद सीओ करछना रत्नेश सिंह ने बताया कि प्रधानपति की हत्या करने केबाद कृष्णकांत और सुनील जिला छोड़कर भाग निकले। फरारी केदिन उन्होंने दिल्ली और फिर मुंबई भागकर काटे। यह जानकारी मिलने पर करछना पुलिस क ी एक टीम ने मुंबई क्राइम ब्रांच केसहयोग से छापा मारकर सुनील को 14 फरवरी को ही गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि कृष्णकांत को भनक लग गई और वह वहां से भाग निकला। बाद में सटीक सूचना पर कृष्णकांत को शनिवार को करछना स्थित टोंस नदी केपुल केपास से गिरफ्तार कर लिया।
कृष्णकांत पर पहले से दर्ज हैं मुकदमे
इंस्पेक्टर रामकुमार मलिक का कहना है कि गिरफ्तार किए गए कृष्णकांत पर पहले से ही दो मुकदमे दर्ज हैं। इसमें एक जमीन की धोखाधड़ी और दूसरा युवती को झांसा देकर अपने साथ ले जाने का है।