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आरोपी ने परिजनों के पास सात बार की थी कॉल

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ठेकेदार के बेटे के अपहरण का मामला
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आरोपी ने बच्चे के परिजनों से सात बार की थी कॉल
एक-एक बार मां व ड्राइवर, पांच बार दादा के पास किया फोन
की फिरौती की मांग, घरवाले बच्चे को छोड़ने की लगाते रहे गुहार
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। सिविल लाइंस में बीएचएस के पास स्थित जिमभनास्टिक हॉल से ठेकेदार के छह साल के बेटे को अगवा करने वाले आरोपी पूर्व ड्राइवर संजय यादव ने घरवालोें के पास कुल सात बार कॉल की। एक-एक बार उसने बच्चे की मां व ड्राइवर और पांच बार उसके दादा के मोबाइल पर फोन कर फिरौती की रकम मांगी। हालांकि उसकी यही चूक पुलिस के लिए अहम हथियार साबित हुई जिसके बाद कुछ ही देर में उसे ट्रेस कर लिया गया।
मंगलवार दोपहर पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे मामले का ख्ुालासा किया। खास बात यह है कि यहां अपहृत बच्चे रणवीर के साथ उसके परिजनों को भी बुलाया गया था। यहां पिता अभिषेक सिंह उर्फ पंकज ने बताया कि करीब चार महीने पहले संजय को नौकरी से निकाला गया था। लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि वह ऐसा करेगा। उधर, मां अमिता सिंह ने बताया कि बच्चे को अगवा करने के बाद आरोपी संजय ने करीब सात बार घरवालों के पास कॉल की। उसने पहली कॉल ड्राइवर विशाल के पास करीब छह बजे की। तब उसने कहा कि वह रणवीर को बर्थडे के लिए शॉपिंग कराने ले जा रहा है। ड्राइवर के जानकारी देने पर अमिता ने नाराजगी जताई और खुद ही जिमभनास्टिक हॉल के लिए जाने लगी। अभी कुछ वक्त ही बीता था कि तभी बच्चे के बाबा उदयवीर सिंह के मोबाइल पर कॉल आई। इस बार संजय ने बच्चा उसके पास होने की बात बताकर तीन करोड़ की रंगदारी मांगी। इस वक्त तक भी घरवालों ने उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन, अमिता व उसके पिता अभिषेक जिमभनास्टिक हॉल पहुंचे और वहां बेटे के न मिलने पर उनके होश उड़ गए। इसी दौरान अमिता के मोबाइल पर कॉल आई जिसमें दूसरी ओर से रणवीर की आवाज सुनाई दी। हालांकि कुछ ही सेकेंड बाद फोन कट गया। अमिता ने बताया कि इसके बाद चार बार उनके ससुर के मोबाइल पर संजय ने कॉल की। वह बार-बार फिरौती की रकम मांगता रहा। साथ ही धमकी भी देता रहा। उधर, बाबा उससे बच्चे को छोड़ने की गुहार लगाते रहे।
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सूत्रों की मानें तो संजय की यही चूक पुलिस के लिए सहायक हुई। घटना की जानकारी के बाद ही अफसरों ने सर्विलांस टीम को एक्टिव कर दिया था। संजय के बार-बार फोन करने की वजह से ही उसकी लोकेशन आसानी से ट्रेस हुई और पुलिस कुछ ही घंटों के भीतर उस तक पहुंच गई। पुलिस सूत्रों का कहना है कि संजय ने कॉल न की होती तो शायद वह इतनी आसानी से न पकड़ा जाता।
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