60 लाख की हेराफेरी में चिट फंड कंपनी के निदेशक समेत दो गिरफ्तार
खाता धारकों के पैसे से निदेशक ने खोला पोल्टी फार्म, बाइक की एजेंसी ली
खाते की अवधि पूरी होने पर पैसे न देने पर ग्राहकों की शिकायत पर पुलिस ने की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद (कोरांव)।
चार वर्षों से क्षेत्र में सक्रिय चिट फंड कंपनी ‘कारवां मार्केटिंग’ के निदेशक समेत दो लोगों को सोमवार को लाखों रुपये की हेराफेरी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद दोनों से थाने में लंबी पूछताछ की। पता चला कि खाता संचालन के नाम पर जमा कराए गए 60 लाख रुपये का दूसरे मदों में निवेश कर कंपनी भागने की फिराक में थी। दोनों को जेल भेज दिया गया।
इलाके के कोसफरा गांव निवासी संतोष कुमार पुत्र राम तौकल सिंह ने नगर पंचायत के चमनगंज में कारवां मार्केटिंग कंपनी खोल रखी थी। अपंजीकृत कंपनी में एजेंटों के माध्यम से प्रतिदिन अलग-अलग खाता धारकों से 10 से लेकर 200 रुपये जमा कराए जाते थे। संतोष कुमार ने बताया कि ऐसे दैनिक खातों की संख्या लगभग 150 के करीब थी। कंपनी के वादे के मुताबिक कुछ खातों की अवधि 2016 तथा कुछ की 2017 में ही पूरी हो गई थी। भुगतान की बात किए जाने पर कंपनी के कर्मचारियों द्वारा हीलाहवाली की जा रही थी। कंपनी के इस बर्ताव से परेशान खाता धारक बालेंद्र कुमार ने इसकी शिकायत पुलिस व अन्य उच्चाधिकारियों से की थी। रविवार को मुख्तार अली, सलमा, शकीला बानो, ममता सिंह आदि खाता धारक पैसा वापस न करने की शिकायत लेकर थाने पहुंचे। पुलिस ने निदेशक संतोष कुमार और एक एजेंट राजेश्वर सिंह को पकड़ कर थाने पर बैठा लिया। जब उनसे सख्ती से पूछताछ की गई, तब उन्होंने सच उगल दिया। कंपनी के निदेशक संतोष ने पुलिस को बताया कि उसने कंपनी के माध्यम से अब तक लगभग 60 लाख रुपये से अधिक की धनराशि जमा कराई गई है। निदेशक ने पुलिस को बताया कि खाता धारकों के पैसे से उसने लेड़ियारी तथा शंकरगढ़ में बाइक की एजेंसी ली है। इसी प्रकार उसने एक पोल्ट्री फार्म भी खोल रखा है। उसने बताया कि वह पैसा जमा कराने वाले एजेंटों को 25 से 30 प्रतिशत तक कमीशन देता था।