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बोलेरो लूटने के लिए की गई रामसूरत की हत्या

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बोलेरो लूटने की नीयत से की गई थी हत्या
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कौंधियारा थाना क्षेत्र के रामसूरत हत्याकांड का खुलासा
पुलिस ने मुठभेड़ में दो बदमाशों को किया था गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
कौंधियारा थाना क्षेत्र के भिस्कुरी गांव में रहने वाले रामसूरत भारतीया की हत्या के मामले का शुक्रवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। अफसरों का दावा है कि गांव के ही एक युवक ने अपने तीन दोस्तों के साथ मिलकर बोलेरो लूटने की नीयत से रामसूरत की हत्या कर दी। बता दें कि पुलिस ने दो बदमाशों को मुठभेड़ में बृहस्पतिवार रात को गिरफ्तार किया था।
बता दें कि कौधियारा के भिस्कुरी गांव निवासी रामसूरत पुत्र हिन्दलाल बोलेरो चालक था। 29 मार्च की शाम बुकिंग के लिए वह चित्रकूट के राजापुर गया था। नौ अप्रैल को उसका शव चित्रकूट के जंगल में मिला। शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी यमुनापार ने बताया कि घटना के बाद पुलिस जांच पड़ताल में जुटी तो अहम सुराग हाथ लगे। मृतक के फोन की कॉल डिटेल निकाली गई तो सामने आया कि गांव का ही अजय उर्फ संजय उसे बुकिंग के बहाने साथ ले गया था। वहां उसने अपने सगे बहनोई मिथिलेश उर्फ अज्जू निवासी रैपूरा, चित्रकूट मिला। पुलिस के मुताबिक, अजय व मिथिलेश को पकड़कर सख्ती से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि रामसूरत की हत्या कर दी गई है। उनकी निशानदेही पर चित्रकूट के रैपुरा, इटवा पहाड़ी से शव बरामद किया गया। इसके बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।
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पुलिस की मानें तो गिरफ्तार अजय व मिथिलेश से पूछताछ के दौरान पता चला कि हत्या में मुकुल उर्फ शिवम कुशवाहा और वीरेंद्र विश्वकर्मा निवासी ढुढही, सरायइनायत भी शामिल थे। बृहस्पतिवार रात मुखबिर से सूचना मिली कि मुकुल और वीरेंद्र कौंधियारा बघोलवा गांव के पास आने वाले हैं। घेराबंदी की गई तो दोनों ने फायरिंग दी। जवाबी फायरिंग में मुकुल के पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की मानें तो इनके पास से दो तमंचा, दो कारतूस व एक बिना नंबर की बाइक बरामद की गई है।
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बोलेरो का सौदा भी कर लिया था तय
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में दोनों बदमाशों ने बताया है कि रामसूरत की हत्या करने का मकसद सिर्फ बोलेरो लूटना था। उनकी प्लानिंग लूट के बाद बोलेरो को बेचने की थी। उन्होंने इसका सौदा भी तय कर लिया था। हालांकि उस व्यक्ति ने बोलेरो सैदाबाद लेकर आने को कहा था। बदमाशों ने पुलिस को बताया है कि रामसूरत की हत्या के बाद वह बोलेरो लेकर सैदाबाद पहुंचे लेकिन वह व्यक्ति नहीं आया। चूंकि वारदात को अंजाम दिया जा चुका था, ऐसे में फंसने के डर से सभी बोलेरो वहीं छोड़कर भाग निकले।
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