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वर्चस्व की लड़ाई में गई शिवम की जान

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...तो छेड़खानी के विरोध में हुई शिवम की हत्या
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पुलिस ने घटना में शामिल एक युवक को किया गिरफ्तार
घटना में शामिल थे सात लोग, छह की तलाश जारी

अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
औद्योगिक क्षेत्र में बीटेक छात्र की हत्या के मामले में शुक्रवार को पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि घटना में वह भी अपने छह अन्य साथियों के साथ मौजूद था। हालांकि पुलिस अब भी घटना का कारण नहीं बता पा रही है। पूछने पर अफसर यही कह रहे हैं कि मुख्य आरोपी के पकड़े जाने के बाद वजह साफ हो सकेगी। लेकिन सूत्रों की मानें तो छेड़खानी के विरोध पर शिवम को अपनी जान गंवानी पड़ी।
छह अप्रैल की रात औद्योगिक क्षेत्र स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ने वाले बीटेक छात्र शिवम शुक्ला (निवासी रामनगर मेजा) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमले में उसके मौसेरे भाई को भी गोली लगी थी। शिवम को तीन गोलियां लगी थीं। परिजन उसे लखनऊ ले गए, जहां नौ अप्रैल को उसकी मौत हो गई थी। शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी यमुनापार दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि इस घटना में शामिल रहे राहुल गुप्ता निवासी चकरघुनाथ नैनी को बृहस्पतिवार रात नौ बजे के करीब आईटीआई मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। एसपी ने यह भी बताया कि जांच के दौरान पता चला है कि घटना में एमबीए छात्र अंकुर सिंह (निवासी धरवारा, करछना) और उसके रिश्तेदार आशू सिंह (निवासी चकरघुनाथ नैनी) मुख्य आरोपी हैं। उपरोक्त तीनों के अलावा कुलदीप सिंह, दीपक पटेल, विवेक शुक्ला और निखिल शुक्ला भी शामिल थे। घटना वाले दिन यह सभी सफारी और स्विफ्ट डिजायर कार से मौके पर पहुंचे थे। वहां पहले दोनों पक्षों में मारपीट हुई और इसके बाद फायरिंग की गई। जिसमें शिवम और अभिषेक गोली लगने से घायल हो गए। हालांकि एसपी घटना की वजह नहीं बता पाए। उनका कहना है कि मुख्य आरोपियों के पकड़े जाने के बाद वजह साफ हो सकेगी।
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साथी की दोस्त से आरोपी करते थे छेड़खानी
आधिकारिक तौर पर अफसर भले ही वजह नहीं बता रहे हों, हालांकि दबी जुबान से वह यह मान रहे हैं कि विवाद का कारण छेड़खानी का विरोध करना रहा। सूत्रों के मुताबिक आरोपी कॉलेज में पढ़ने वाली युवती को परेशान करते थे। शिवम ने इसका विरोध किया और इसकी कीमत उसे अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। परिजन भी कुछ ऐसी ही बात कह रहे हैं। हालांकि पुलिस इस बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ बोलने को तैयार नहीं है।


कॉलेज में पढ़ते हैं चार आरोपी
पुलिस ने बताया कि जिन सात लोगों का नाम इस वारदात में शामिल आया है उनमें से चार छात्र हैं। इनमें अंकुर के अलावा कुलदीप, दीपक और विवेक शामिल हैं। इसके अलावा आशू सपा नेता बताया जा रहा है। जबकि राहुल और निखिल उसके साथी हैं। पुलिस का यह भी कहना है कि मामले में पूर्व में नामजद महुवारी निवासी सुनील की कोई संलिप्तता न मिलने पर फिलहाल उसका नाम हटा दिया गया है।

पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
घटना के दो दिन बाद राहुल गुप्ता ने थाने पहुंचकर पुलिस को बताया था कि उसके हाथ में गोली लगी है। हालांकि पुलिस का कहना है कि उसने यह कहानी सिर्फ पुलिस को गुमराह करने के लिए रची। पुलिस की मानें तो राहुल घटना के दूसरे मुख्य आरोपी आशू का जिगरी दोस्त है। आशू को बचाया जा सके, इसके लिए उसने थाने पहुंचकर बयान दिया था कि घटना में दोनों तरफ से फायरिंग हुई। हालांकि मेडिकल में यह साफ हो गया कि गोली लगने का उसका बयान झूठा था।
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एनबीडब्ल्यू, कुर्की की कार्रवाई के लिए दी अर्जी
एसपी यमुनापार ने बताया कि पुलिस ने फरार आरोपियों के खिलाफ कुर्की की भी कार्रवाई की तैयारी में है। इसके लिए न्यायालय में अर्जी दे दी गई है। इसके अलावा फरार आरोपियों के नाम पर गैरजमानती वारंट भी जारी कराने के लिए कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया गया है।
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