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ऑनलाइन ‘लाइक’ के फेर में 12 इलाहाबादी भी फंसे

Sun, 07 May 2017 02:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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नोएडा में अब्लेज इन्फो साल्यूशन के ऑनलाइन ‘लाइक’ के फेर में 12 इलाहाबादी भी फंसे हैं। ग्राहकों के लगभग तीन हजार करोड़ लेकर भागने वाली कंपनी के खिलाफ शहर के कोतवाली थाने में भी एक रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। अब तक कंपनी के खिलाफ आठ हजार से अधिक ऑनलाइन एफआईआर दर्ज हो चुकी है। कंपनी का मालिक अनुभव मित्तल पहले ही एसटीएफ के हत्थे चढ़ चुका है।
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पानदरीबा के रहने वाले मनीष पांडेय नोएडा में रहकर एक कंपनी में जॉब करते हैं। एक करीबी मित्र के सुझाव पर उन्होंने अब्लेज इन्फो सोल्यूशन की ऑनलाइन लाइक स्कीम में 57 हजार रुपये लगाए थे। मनीष को प्रतिदिन 125 साइट्स दी जाती थीं, जिन्हें उन्हें लाइक करना होता था। इस हिसाब से उन्हें तकरीबन 625 रुपये प्रतिदिन मिलने लगे थे। करीब आठ हजार रुपये तक उन्हें मिले। इसके बाद कंपनी ने पैसा देना बंद कर दिया। इसी के कुछ दिन बाद मीडिया में अब्लेज इन्फो साल्यूशन के फ्रॉड की खबरें आने लगीं। एसटीएफ ने करीब 32 सौ करोड़ रुपये के फ्राड का पता लगाया। हजारों लोग, जिनमें देश ही नहीं विदेश के भी लोग शामिल थे, ठगी का शिकार हुए थे।

शिकायतकर्ताओं की संख्या इतनी ज्यादा थी कि एसटीएफ ने उन्हें ऑनलाइन एफआईआर लिखाने को कहा। मनीष पांडेय ने बताया कि शुरूआत में वह एफआईआर दर्ज कराने के इच्छुक नहीं थे लेकिन जब उनकी तरह इलाहाबाद के 11 और भुक्तभोगी सामने आए तो उन्होंने भी आनलाइन एफआईआर लिखाई। चूंकि वह इलाहाबाद के रहने वाले हैं, इसलिए यहां कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई। कोतवाल अनुपम शुक्ला ने बताया कि मामला नोएडा का है। वहीं से एसटीएफ जांच भी कर रही है। एफआईआर वहीं स्थानांतरित कर दी जाएगी। मनीष के साथ11 अन्य लोगों की एफआईआर को भी उसी में मर्ज कर दिया गया है।
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अब्लेज इन्फो सोल्यूशन के मालिक अनुभव मित्तल ने बेहद शातिराना तरीके से कंपनी की शुरूआत की थी। फिल्म उद्योग के दो बड़े चेहरों से ऑनलाइन लाइक स्कीम की शुरूआत कराई गई। दिसंबर 2016 में जब कंपनी ने रिटर्न देना बंद किया तो शिकायतें शुरू हो गईं। इसके बाद मित्तल ने अपनी सोशल ट्रेड डॉट बिज को फ्रीहब डॉट काम में बदल दिया। दस दिन बाद फिर से इसे इंटमार्ट डॉट काम में बदला। जनवरी में इसका नाम फिर से बदलकर फ्रेंजअप डॉट काम कर दिया गया था।
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