मांडा खूनी संघर्ष के मामले में नौ नामजद, तीन गिरफ्तार
एक दिन पहले हुई थी वारदात, दो लोगों की गई थी जान
आरोपियों में चार महिलाएं भी शामिल, तैनात रही फोर्स
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद/मांडा रोड। मांडा में एक दिन पहले हुए खूनी संघर्ष में दो सगे भाइयों की मौत के मामले में कुल नौ लोग नामजद किए गए हैं। इनमें से चार महिलाएं भी हैं। पुलिस ने अब तक महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। उधर हमले में घायल मृतक पक्ष की एक महिला की हालत गंभीर होने पर उसे परिवार के लोग एसआरएन से निजी अस्पताल ले गए हैं। पुलिस का कहना है कि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। उधर देर शाम करीब साढ़े छह बजे दोनों शवों का घरवालों ने अंतिम संस्कार कर दिया। तनाव को देखते हुए मौके पर फोर्स तैनात है।
मांडा के बघौरा रखासन गांव में विवादित जमीन पर लगे पेड़ से बेर तोड़ने को लेकर मंगलवार को दो परिवारों में विवाद हो गया था। दोनों पक्ष में पट्टीदारी है और सुबह हुए विवाद के बाद शाम को फिर दोनों आमने-सामने हो गए। इस दौरान कुल्हाड़ी, लाठी डंडों से हमला किया गया। इसमें दो सगे भाइयों दशरथ व राकेश की मौत हो गई। मामले में देर रात मृतक दशरथ की पत्नी जयंती देवी की तहरीर पर कुल नौ लोगों के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। इनमें रामनाथ, जियालाल व जीतलाल पुत्र रामनाथ, सीता, गीता व रीता पुत्री रामनाथ, सरोज पत्नी जीतलाल सभी निवासी बघौरा रखासन मांडा, मोहन निवासी कोरांव और पंकज का नाम शामिल है। इसके बाद पुलिस ने दबिश देकर जीतलाल, उसकी बहन सीता और रामनाथ को गिरफ्तार कर लिया। एसओ संदीप तिवारी ने बताया कि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। उधर तनाव को देखते हुए दिन भर बघौरा रखासन गांव छावनी बना रहा। खीरी, औद्योगिक क्षेत्र, करछना, मेजा थाने की फोर्स रात में ही गांव में तैनात कर दी गई थी। सुबह बवाल की आशंका को दखते हुए अफसरों ने पीएसी भी बुलवा ली। शाम साढ़े चार बजे के करीब पोस्टमार्टम के बाद दोनों भाइयों का शव घर लाया गया तो वहां कोहराम मच गया। घरवाले बिलखने लगे तो गांववालों की भी आंखें नम हो गईं। चीत्कार के बीच शाम करीब 6.30 बजे घरवालों ने स्थानीय गंगा घाट पर दोनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया। मौके पर फोर्स के साथ एसपी यमुनापार दीपेंद्र नाथ चौधरी, मेजा एसडीएम शिवानी सिंह, सीओ उमेश शर्मा भी मौजूद रहे। उधर शाम को हुए विवाद के दौरान घायल हुई मृतक पक्ष की मंजू देवी की हालत गंभीर बनी हुई है। घरवालों ने उसे बुधवार को एसआरएन अस्पताल से निकालकर एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया है।
महिलाओं ने एसओ को घेरा
सुबह हालात का जायजा लेने एसओ संदीप तिवारी बघौरा रखासन गांव पहुंचे तो वहां उन्हें लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। कुछ महिलाओं ने उन्हें घेर लिया और लापरवाही का आरोप लगाया। उनका आरोप था कि पुलिस ने सुबह हुए विवाद के बाद ही गंभीरता दिखाई होती तो यह घटना नहीं होती। साथ मौजूद पुलिसकर्मियों और गांव के बड़े बुजुर्गों के समझाने पर महिलाएं शांत हुईं।
दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
खूनी संघर्ष में जान गंवाने वाले राकेश की मौत से उसके ढाई महीने के बेटे प्रियांशु के सिर से पिता का साया उठ गया। बताते हैं कि बड़ी मन्नतों, पूजा के बाद उसका जन्म हुआ था। इसी तरह दूसरे मृतक दशरथ की पत्नी जयंती देवी और बेटी आरती का रो-रोकर बुरा हाल था। 12 साल की आरती गांव के ही प्राइमरी स्कूल में कक्षा चार की छात्रा है।
दो महीने पहले शुरू हुई थी रंजिश
गांववालों की मानें तो यूं तो जमीन के एक हिस्से पर कब्जे को लेकर दोनों पक्षों में मनमुटाव लंबे समय से है। हालांकि इसे लेकर उपजी रंजिश की नींव करीब दो-तीन महीने पहले पड़ी थी। मृतकों के परिवारवालों का कहना है कि दशरथ व राकेश के पिता नचकऊ ने काफी दिनों पहले बेलहा गांव के रहने वाले व्यक्ति से सवा बीघा जमीन खरीदी थी। इधर राकेश, दशरथ का चयन प्रधानमंत्री आवास के लिए हो गया था। ऐसे में वह इसी जमीन पर आवास बनवाना चाहते थे। बताया जा रहा है कि इस सवा बीघे जमीन में से करीब दो बिस्वा जमीन आबादी की थी जिसे दशरथ व राकेश के चचेरे भाई जीतलाल व जियालाल अपने हिस्से की बताते थे। करीब दो-तीन महीने पहले दशरथ ने नींव खुदवानी शुरू की तो जीतलाल ने काम रोकवा दिया। मामला थाने पहुंचा और फिर दोनों पक्षों का शांतिभंग में चालान भी किया गया था। गांववालों की मानें तो इसी विवाद के बाद दोनों पक्ष के लोग एक-दूसरे से रंजिश रखने लगे थे।