महिला सिपाही ने आरोप लगाया था कि पूर्व में थाने में तैनाती रहने के दौरान आरोपी दरोगा ने उसे चौकी में बुलाकर छेड़छाड़ और अश्लील हरकत की। विरोध पर उसे बेरहमी से पीटा और जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस लाइन में तैनात रहे दरोगा महेशचंद के खिलाफ जार्जटाउन थाने में तैनात महिला सिपाही से छेड़खानी के आरोप सही पाए गए हैं। पुलिस ने विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। पीड़िता की शिकायत पर 21 मई को उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
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महिला सिपाही ने आरोप लगाया था कि पूर्व में थाने में तैनाती रहने के दौरान आरोपी दरोगा ने उसे चौकी में बुलाकर छेड़छाड़ और अश्लील हरकत की। विरोध पर उसे बेरहमी से पीटा और जान से मारने की धमकी दी। घटना तब की थी जब जार्जटाउन थाने से संबंधित अल्लापुर पुलिस चौकी में कुछ महीनों पहले तक दरोगा भी तैनात था।
आरोप था कि एक दिन बहाने से ही चौकी में बुलाकर दरोगा ने उससे जबरदस्ती की कोशिश की। 19 मई को उसे अपने आवास पर बुलाकर एक बार फिर गला दबाया और पेट पर पांव रखकर पीटा। हेलमेट से मारा और जान से मारने की धमकी भी दी। सीओ अजीत सिंह चौहान ने बताया कि आरोप सही मिलने पर दरोगा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।
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गलत मिले पत्नी पर लगाए गए आरोप, क्लीन चिट
उधर इसी मुकदमे में आरोपी दरोगा की पत्नी पर लगाए गए आरोप विवेचना के दौरान सही नहीं मिले हैं। पीड़िता का आरोप था कि जब उसने दरोगा की शिकायत की तो उसकी पत्नी ने उससे गालीगलौज की। जिस पर गालीगलौज के आरोप में दरोगा की पत्नी को भी आरोपी बनाया गया था। हालांकि पुलिस का कहना है कि विवेचना में आरोप गलत मिलने पर उसकी पत्नी का नाम मुकदमे से निकाल दिया गया।