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जीएम जलकल चार घंटे बंधक रहे

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प्रयागराज। दिवाली से पहले 23 तक वेतन और बोनस भुगतान की मांग कर रहे कर्मचारियों ने सोमवार को जलकल विभाग के महाप्रबंधक और चार इंजीनियरों को चार घंटे तक बंधक बनाए रखा। धरना, प्रदर्शन, अभद्र नारेबाजी और धमकी से परेशान जीएम ने इसकी शिकायत डीएम से की। डीएम ने मौके पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल भेजा तब दोपहर दो बजे के बाद जीएम और इंजीनियर कैंप कार्यालय से निकल सके। इस बीच कर्मचारियों में कार्यालय के सामने सड़क पर जाम भी लगाया।
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जलकल कर्मचारियों को वेतन और बोनस भुगतान के लिए 25 अक्तूबर तक का समय दिया गया है। वहीं यूनियन के पदाधिकारी 23 तक भुगतान न होने पर आंदोलन की चेतावनी पर अड़े हैं। जीएम जलकल रतन लाल के मुताबिक सुबह करीब 9.30 बजे उनके कैंप कार्यालय पर यूनियन के पदाधिकारी अन्य कर्मचारियों के साथ नारेबाजी करते हुए आए। जलकल यूनियन के अध्यक्ष सुधीर कुमार यादव, दिलीप चंद्र भारतीया, विनोद पटेल, पेंशनर संतोष कुमार मेहरोत्रा सैकड़ों कर्मचारियों के साथ आए। आरोप है कि कर्मचारी नेता अपने साथ आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को भी लाए थे। वे तत्काल भुगतान पर अड़े तो उन्होंने दो दिन इंतजार करने को कहा। आरोप लगाया कि ठेकेदारों को भुगतान कर रहे हैं, कर्मचारी परेशान है।
कर्मचारी नेताओं ने जीएम रतन लाल के साथ जोन चार के अधिशासी अभियंता पुरुषोत्तम लाल, सहायक अभियंता अशोक भूषण और जोन दो के अधिशासी अभियंता विजय मौर्या को बंधक बना लिया। जीएम के वाहन को भी कर्मचारी घेरकर बैठ गए। बिना समय दिए वेतन-बोनस भुगतान पर अड़े कर्मचारी नारेबाजी कर रहे थे। डीएम के निर्देश पर पहुंचे एसीएम टू और पुलिस ने अफसरों को छुड़ाया। कर्मचारियों को दिवाली से पहले 25 अक्तूबर तक वेतन भुगतान का आश्वासन देकर हटाया गया। धरना प्रदर्शन में सचिंद्र नाथ राय, रिजवान आदि भी शामिल रहे।
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अभद्रता करने में आठ कर्मचारी चिह्नित
जीएम और अभियंताओं को बंधक बनाने, अभद्रता करने के आरोप में यूनियन नेताओं समेत आठ लोगों को चिह्नित किया गया है। जीएम ने सभी को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। वहीं फील्ड के कर्मचारियों के कार्यों का मंगलवार से भौतिक सत्यापन भी कराया जाएगा। अफसरों के मुताबिक वसूली और कार्यों में रुचि न लेने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जीएम ने इससे पहले पूर्व महाप्रबंधकों के साथ मारपीट की घटनाओं का जिक्र करते हुए सुरक्षा के लिए डीएम और नगर आयुक्त से फोन पर अनुरोध किया है।
वसूली पर निर्भर है संस्थान
जलकल विभाग को राज्य सरकार से सहायता नहीं मिलती। जलकर की वसूली से ही वेतन भुगतान और अन्य कार्य कराए जाते हैं। जीएम के मुताबिक सितंबर में बाढ़ और अक्तूबर में कई अवकाश से वसूली बाधित हुई। अब तेजी से वसूली की जा रही है। 25 तक कर्मचारियों को वेतन और बोनस के मद में करीब पौने दो करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया जाएगा।
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