कस्बे में हाईवे स्थित अपने मेडिकल स्टोर में पर बैठे सपा के पूर्व नगराध्यक्ष डॉ. असलम खान की बुधवार शाम दो गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। शहर के निजी अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। देर रात तक थाने में तहरीर नहीं दी गई थी। उनके पत्रकार भाई ने स्मैक का धंधा करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई कराने की वजह से हत्या होने की बात कही है। एसएसपी ने मौका मुआयना किया। पुलिस ने दबिश देकर संदिग्धों की धरपकड़ शुरू कर दी है।
नेशनल हाईवे पर जानकी देवी इंटर कॉलेज के पास सपा के पूर्व नगराध्यक्ष डॉ. असलम खान का मेडिकल स्टोर है। मेडिकल स्टोर पर ही वह मरीज देखते थे। पीछे बने घर में उनका परिवार रहता है। बुधवार शाम सात बजे असम खान अपने मेडिकल स्टोर पर बैठे थे। कई और लोग भी वहां मौजूद थे। इसी दौरान दो लोग बाइक से आए। उन्होंने तमंचों से ताबड़तोड़ दो गोलियां असलम पर चलाईं। गोली उनके सीने में लगीं और वह चीखते हुए गिर पड़े। वहां बैठे लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही आरोपी भाग गए। गोलीकांड की सूचना से कस्बे में हड़कंप मच गया। परिवार ने तत्काल थाना फतेहगंज पश्चिमी पुलिस को सूचना दी और असलम को लेकर बरेली के एक निजी अस्पताल पहुंचे।डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इससे उनके परिवार में कोहराम मच गया।
घटना की सूचना पर एसएसपी शैलेष कुमार पांडेय, एसपी देहात संसार सिंह मौके पर पहुंचे और परिवार से बात की। संदिग्ध लोगों के यहां छापा मारा गया। कई लोग उठा लिए गए हैं। डॉ. असलम का पैतृक आवास फतेहगंज पश्चिमी के मोहल्ला सराय में है। उनकी पत्नी शबनम वार्ड 10 की सभासद हैं। तीन बच्चे शादाब, अहमद खान, आहत खान हैं। भाई अकरम खान पत्रकार हैं। अकरम ने बताया कि वह स्मैक और अन्य गलत धंधे करने वाले लोगों के खिलाफ खबरें लिखते हैं। इसमें उनके भाई असलम खान भी मदद करते थे। इस बात से कुछ लोगों को परेशानी थी। उन्हीं ने भाई की हत्या की है। जल्दी ही तहरीर देकर आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कराएंगे।
घटना स्थल का मुआयना कर परिवार से जानकारी ली है। संदिग्धों की धरपकड़ की जा रही है। परिवार ने अभी तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलने पर उसके आधार पर रिपोर्ट दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी। - शैलेष कुमार पांडेय, एसएसपी