फूलपुर के बाद अब सोरांव तहसील में भी फसल बर्बाद होने के सदमे से एक किसान की मौत हो गई। गेहूं की मढ़ाई के बाद एक चौथाई उत्पादन देख किसान को तगड़ा सदमा लगा और कुछ देर बाद ही उसने दम तोड़ दिया। खेत का तकरीबन आधा हिस्सा गिरवी था। परिवार वालों के पास दाह संस्कार के लिए भी पैसा नहीं था। मदद के लिए गांव वाले आगे आए और चंदा इकट्ठा कर किसान का दाह संस्कार कराया। विडंबना देखिए, यहां भी इतना कुछ होने के 24 घंटे बाद अफसर घटना से अनजान बने रहे। उनसे जब बात की गई तो जवाब मिला कि अभी मालूम हुआ है, जांच कराई जाएगी।
सोरांव तहसील के कठवर परवेजपुर गांव के किसान श्याम सुंदर सिंह (45 वर्ष) के पास साढ़े तीन बीघा खेत था। आर्थिक तंगी के कारण श्याम सुंदर को डेढ़ बीघा खेत गिरवी रखना पड़ गया। दो बीघा में वह खेती होती थी। बृहस्पतिवार शाम मढ़ाई कराई तो दो बीघा खेत में महज छह कुंतल गेहूं निकला। इसमें भी गेहूं का बड़ा हिस्सा सड़ चुका था, जिसे जानवरों को भी नहीं खिलाया जा सकता। बता दें कि दो बीघा खेत में कम से कम 20 कुंतल गेहूं का उत्पादन होना चाहिए। तीन चौथाई फसल बर्बाद होने का सदमा श्याम सुंदर झेल नहीं सका। मढ़ाई के बाद गुमसुम हालत में घर पहुंचा और एक किनारे बैठ गया। थोड़ी देर बाद उसे घबराहट होने लगी और वह बेहोश हो गया। घरवाले श्याम सुंदर को अस्पताल लेकर भागे लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
परिवार की आर्थिक हालत बेहद खराब है। श्याम सुंदर की पत्नी सीमा सिंह भी पति की मौत के बाद बेसुध हैं। तीनों पुत्र धीरज (15), सूरज (10) और निखिल (9) को भी पिता की मौत से जबर्दस्त आघात लगा है और किसी से बता नहीं कर रहे। आर्थिक तंगी से जूझ रहे श्याम सुंदर के परिवार वालों की मदद को अफसर तो नहीं पहुंचे लेकिन गांव वालों ने चंदा इकट्ठा कर श्याम का दाह संस्कार कराया। शुक्रवार शाम एसडीएम सोरांव दुर्गाशंकर गुप्ता ने कहा कि उन्हें अभी-अभी घटना की जानकारी मिली है। जांच कराई जाएगी।