नशे में धुत एक सिपाही और उसके साथी ने सिविल लाइंस में हनुमान मंदिर के पास महिलाओं के साथ खींचतान की। विरोध पर एक महिला को थप्पड़ जड़ दिए। वहां तैनात सिपाहियों ने पकड़ने की कोशिश की तो उन्हें इनोवा से टक्कर मारकर दोनों भाग गए। सिपाहियों ने इनोवा का नंबर नोट कर लिया था। दो दिन तक खोजबीन के बाद पुलिस ने शनिवार को इनोवा सहित आरोपी सिपाही के दूसरे भाई को पकड़ लिया जो खुद भी सिपाही है। सिविल लाइंस पुलिस का कहना है कि महिलाओं से मारपीट करने वाले सिपाही और उसके साथी की गिरफ्तारी जरूर की जाएगी।
दो सगे भाई पुलिस विभाग में सिपाही हैं। वे पुलिस लाइन में तैनात हैं। खाकी की आड़ में वे ट्रैवेल्स एजेंसियों में अपनी गाड़ियां भाड़े पर चलवाते हैं। उनमें एक सिपाही बुधवार रात अपने दोस्त के साथ इनोवा गाड़ी में सिविल लाइंस में हनुमान मंदिर के पास आकर रुका। उन दोनों ने मंदिर में दर्शन के बाद जा रही महिलाओं के साथ बदसलूकी कर दी। एतराज जताने पर एक महिला को थप्पड़ जड़ दिए। वहां मारपीट होने लगी तो चौराहे पर तैनात सिपाही जगन्नाथ प्रसाद और गोविंद यादव आ गए। वे सिपाही और उसके साथी को पकड़ने लगे। मगर वे दोनों सिपाहियों को इनोवा से टक्कर मारते हुए भाग गए। सिपाहियों ने इनोवा का नंबर नोटकर लिया। इस नंबर के जरिए पुलिस इनोवा की खोजबीन में जुटी रही। शुक्रवार रात यही इनोवा हनुमान मंदिर चौराहा से गुजरी तो सिपाहियों ने उसे पकड़ लिया। हालांकि उसमें आरोपी सिपाही की बजाय उसका दूसरा भाई था जो खुद सिपाही है। उसने सिपाहियों पर रौब गांठने की कोशिश की लेकिन उसे थाने ले जाया गया। हालांकि बाद में इनोवा को सीजकर सिपाही को छोड दिया गया।