इलाहाबाद। संगम की रेती पर लगने वाले मेले में अपनों से बिछुड़ने वाले को उनके परिजनों से मिलाने वाले समाजसेवी राजाराम तिवारी का रविवार को वैदिक रीति से दारागंज घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनका पार्थिव शरीर पैतृक आवास प्रतापगढ़ की रानीगंज तहसील के गौरा पूरेबदल से तकरीबन 11 बजे दारागंज घाट लाया गया, जहां उनके सबसे छोटे बेटे उमेश तिवारी ने मुखाग्नि दी। दारागंज घाट पर भारत सेवा दल के स्वयंसेवक पहले से ही जुटे थे।
अंतिम संस्कार से पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट एसपी श्रीवास्तव सहित अनेक संस्थाओं, तीर्थपुरोहितों, करीबियों की ओर से उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर परिजनों तथा भारत सेवा दल के स्वयंसेवकों के अतिरिक्त मेला प्रशासन के देवराज मिश्र, आनंदमोहन मित्तल, मदन के अतिरिक्त तीर्थराज पांडेय, दुकानजी, ध्रुव गांधी, अनेक तीर्थपुरोहित मौजूद थे। बता दें, समाजसेवी राजाराम तिवारी का शनिवार को निधन हो गया था। वह 88 वर्ष के थे।
मुख्यमंत्री, मंडलायुक्त ने जताया दुख
समाजसेवी राजाराम तिवारी के निधन पर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दुख जताया है। अपने शोक संदेश में उन्होंने उनकी सामाजिक सेवाओं की सराहना करते हुए शोकसंतप्त परिवार को सांत्वना दी। वहीं मडंलायुक्त राजन शुक्ला ने भी राजाराम तिवारी के सेवाकार्य को याद करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा, दुख की घड़ी में प्रशासन उनके साथ है।