वादिनी मुकदमा ने नैनी थाने पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी आरोप था कि आरोपित ने 15 जुलाई 2014 को उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया उसके साथ दुराचार किया।
नाबालिग को बहला फुसला कर ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले में आरोपित गजानंद रावत को दोषी पाए जाने पर जिला न्यायालय ने 10 वर्ष के कारावास से दंडित किया है। पाक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश राजेश कुमार पंचम ने विशेष लोक अभियोजक विनय कुमार त्रिपाठी, मनोज कुमार त्रिपाठी और आरोपित के अधिवक्ता के तर्कों को सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के अवलोकन करने के बाद फैसला सुनाया।
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वादिनी मुकदमा ने नैनी थाने पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी आरोप था कि आरोपित ने 15 जुलाई 2014 को उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया उसके साथ दुराचार किया। अभियोजन ने वादिनी मुकदमा सहित पांच गवाहों का परीक्षण कराकर मामले को साबित किया अदालत ने आरोपित को दुराचार एवं पॉक्सो अधिनियम के तहत दोषी पाया।