Court rejected bail plea of Mukhtar Ansari in Gangster.
प्रयागराज। स्पेशल कोर्ट (एमपीएमएलए) ने मऊ के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की गैंगस्टर एक्ट में जमानत नामंजूर कर दी है। मुख्तार ने स्पेशल कोर्ट में द्वितीय जमानत अर्जी प्रस्तुत की थी। इससे पहले भी विधायक की गैंगस्टर में जमानत विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट मऊ द्वारा आठ जुलाई 2016 को खारिज की जा चुकी है। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने एसपीओ लाल चंदन विशेष अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह गोपाल और एडीजीसी राजेश गुप्ता को सुनकर दिया है।
प्रकरण गाजीपुर के मोहम्मदाबाद थाने का है। प्रभारी निरीक्षक रामदास यादव ने 19 नवंबर 2007 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि मुख्तार अंसारी का अवैध गिरोह सक्रिय है। उनके द्वारा जेल में रहते हुए गिरोह का संचालन किया जा रहा है। उसका लंबा आपराधिक इतिहास है। मुख्तार की ओर कहा गया कि गैंगस्टर एक्ट में जितनी सजा का प्रावधान है उतना समय वह जेल में काट चुका है। उसका कोई गैंग नहीं है। वह 2009 से जेल में बंद है और 1996 से लगातार विधान सभा का सदस्य चुना जा रहा है। अभियोजन की ओर से जमानत का विरोध करते हुए कहा गया कि मुख्तार के खिलाफ 49 मुकदमों का आपराधिक इतिहास है। और वह गैंगलीडर है। अपराध की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने जमानत देने से इंकार करते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी है।