हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के आरोपी की गर्भवती पत्नी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है तथा उसे विवेचना में सहयोग करने का निर्देश दिया है। फर्रुखाबाद की प्रीति की याचिका पर न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की पीठ ने सुनवाई की। याचिका में कहा गया कि याची और उसके पति के खिलाफ फर्रुखाबाद कोतवाली में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। याची के पति को पहले ही पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है और वह जेल में बंद है। याची को गलत तरीके से फंसाया गया है। उस पर कोई अपराध नहीं बनता है। याची गर्भवती महिला है। सरकारी वकील ने इस तथ्य का विरोध नहीं किया। हालांकि, उन्होंने प्राथमिकी रद्द किए जाने का विरोध किया। कोर्ट ने पुलिस रिपोर्ट दाखिल होने तक याची की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है तथा उसे विवेचना में सहयोग करने का निर्देश दिया है।