इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आईआईटी कानपुर के प्रो.वेंकटेश के सुब्रमण्यन के खिलाफ यौन उत्पीड़न की जांच से जुड़े मामले में एकल पीठ के आदेश पर लगी रोक बरकरार रखी है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आईआईटी कानपुर के प्रो.वेंकटेश के सुब्रमण्यन के खिलाफ यौन उत्पीड़न की जांच से जुड़े मामले में एकल पीठ के आदेश पर लगी रोक बरकरार रखी है। न्यायमूर्ति एसडी सिंह और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने आईआईटी की विशेष अपील पर विपक्षियों से जवाब मांगा है। मामला एक इंटर्न को कथित तौर पर एक विवादित वस्तु उपलब्ध कराने के आरोप से संबंधित है।
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संस्थान के अनुसार यह वस्तु ‘आर्म-बैंड वाइब्रेशन कम्युनिकेशन गैजेट’ नामक शोध परियोजना का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य सशस्त्र बलों और साइलेंट ऑपरेशंस के लिए गैर-मौखिक संचार विकसित करना था। प्रोफेसर की ओर से कहा गया कि यौन उत्पीड़न अधिनियम के तहत आवश्यक तत्व, जैसे शारीरिक संपर्क आदि मौजूद नहीं हैं। व्हाट्सएप चैट में भी कोई आपत्तिजनक संकेत नहीं मिला। कोर्ट ने कहा कि मामले पर गहन विचार जरूरी है। अगले आदेश तक पांच जनवरी 2026 के जांच आगे बढ़ाने संबंधी निर्णय पर रोक जारी रहेगी।