विपक्षी अधिशासी अभियंता पर आरोप है कि वह प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात रहने के दौरान करोड़ों रुपये के घोटाले हुए हैं। मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर जांच हो चुकी है और अधिशासी अभियंता केखिलाफ आदेश भी पारित हो चुका है लेकिन प्रशासनिक साठगांठ की वजह से उसकेखिलाफ अभी तक कार्रवाई नहीं हो सकी है।
प्रदेश के कई जिलों की नगर पंचायतों में तैनात करोड़ों रुपये घोटाले के आरोपी अधिशासी अधिकारी के खिलाफ जनहित याचिका के मामले में बृहस्पतिवार को सुनवाई टल गई है। कोर्ट इस मामले में अगले हफ्ते सुनवाई करेगी। द इंडियन काउंसिल ऑफ ह्यूमन राइट्स की जनहित याचिका पर बृहस्पतिवार को न्यायमूर्ति प्रीतींकर दिवाकर और न्यायमूर्ति डॉ. योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ सुनवाई कर रही थी।
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विपक्षी अधिशासी अभियंता पर आरोप है कि वह प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात रहने के दौरान करोड़ों रुपये के घोटाले हुए हैं। मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर जांच हो चुकी है और अधिशासी अभियंता केखिलाफ आदेश भी पारित हो चुका है लेकिन प्रशासनिक साठगांठ की वजह से उसकेखिलाफ अभी तक कार्रवाई नहीं हो सकी है। वह 2019 में बांदा जिले से सेवानिवृत्त हो चुका है। याची के अधिवक्ता जितेंद्र कुमार चक्रवर्ती उपस्थित हुए। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए अगले हफ्ते का समय निर्धारित किया है।