यह आदेश न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह ने श्री गांधी इंटर कॉलेज, गोरखपुर की प्रबंध समिति की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने कहा कि कई आदेश जारी किए। अनुपालन में शीर्ष अधिकारियों के हलफनामे विरोधाभासी व तारतम्यता विहीन है। कोर्ट ने गोरखपुर के जिला विद्यालय निरीक्षक के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई पर भी आश्चर्य व्यक्त किया।
मुख्य स्थायी अधिवक्ता ने कुछ स्पष्टीकरण के साथ प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा का हलफनामा दाखिल किया। टीजीटी सहायक अध्यापकों के खाली पदों को भरने का मामला है। सहायक लेक्चरर पद पर सेवानिवृत्त अध्यापकों को अस्थाई नियुक्ति किये जाने की नीति की जानकारी दी गई है और सहायक अध्यापकों की सीधी भर्ती आयोग की मर्जी पर छोड़ दिया गया है। इस संबंध में आधारहीन तथ्य बताए गए हैं।
कोर्ट ने कहा कि अपर महाधिवक्ता से स्पष्ट तौर पर पूछने पर वह भी सहायक अध्यापकों की भर्ती की कोई समय सीमा बता पाने में असमर्थ रहे। हलफनामे विसंगतियों से भरे और विरोधाभासी हैं। कोर्ट ने कहा कि हलफनामे दीपक कुमार, प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा व तत्कालीन अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने दाखिल किए हैं, जो खाली पदों को भरने पर संदेह पैदा करते हैं।