इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लैट)-2026 से जुड़े एक विवादित प्रश्न को लेकर अहम आदेश दिया है। कोर्ट ने बुकलेट-सी के प्रश्न संख्या-9 में बी और डी दोनों विकल्पों को सही मानते हुए सभी अभ्यर्थियों के अंकों की दोबारा गणना कर कंसोर्टियम ऑफ नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज को मेरिट लिस्ट संशोधित करने के निर्देश दिया है।
हालांकि, पहले ही संपन्न हो चुकी काउंसलिंग के पहले राउंड में जिन छात्रों ने प्रवेश ले लिया है, उन्हें किसी तरह से परेशान नहीं किया जाएगा। यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक सरन की एकल पीठ ने परीक्षार्थी अवनीश गुप्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।
याची ने क्लैट-2026 की परीक्षा दी थी। परीक्षा सात दिसंबर 2025 को गाजियाबाद स्थित एसआरएम आईएसटी, दिल्ली-एनसीआर कैंपस में आयोजित की गई थी। याचिकाकर्ता ने बुकलेट-सी के प्रश्न संख्या छह, नौ और 13 के उत्तरों को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी। आपत्तियों पर विचार के बाद भी अंतिम उत्तर कुंजी में कोई बदलाव नहीं किया गया, जिसके बाद याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट का रुख किया।