नवजात बेटी के लिए 12 हजार रुपये की सहायता राशि दिलाने का झांसा देकर दंपती से 79.50 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। दारागंज पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।
नवजात बेटी के लिए 12 हजार रुपये की सहायता राशि दिलाने का झांसा देकर दंपती से 79.50 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। दारागंज पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। अलोपीबाग निवासी अधिवक्ता ने पुलिस को बताया कि बृहस्पतिवार शाम चार बजे उनकी पत्नी के मोबाइल फोन पर व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को महिला एवं बाल विकास योजना का अधिकारी बताया। उसने बेटी की जानकारी देते हुए कहा कि योजना के तहत उन्हें 12 हजार रुपये की सहायता राशि मिलनी है। ठग ने इसके बाद बैंक खातों की जानकारी मांगी और दोनों के गूगल अकाउंट का स्कैनर भेजने के लिए कहा।
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उसकी बातों पर भरोसा कर दंपती ने मांगी गई जानकारी और स्कैनर व्हाट्सएप कर दिए। इसके बाद ठग ने कहा कि जैसा बताऊं, वैसा करते जाइए। इससे आधे घंटे में खाते में 12 हजार रुपये पहुंच जाएंगे। ठग की बातों में आकर दंपती ने उसके बताए तरीके से प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद उनके बैंक खातों से 79.50 लाख रुपये कट गए।
बरतें सावधानी
बैंक खाते, एटीएम कार्ड, ओटीपी, यूपीआई पिन या पासवर्ड की जानकारी न दें।
अनजान व्यक्ति के कहने पर क्यूआर कोड स्कैन न करें और ना ही एप डाउनलोड करें।
व्हाट्सएप पर भेजे गए लिंक, स्कैनर या संदिग्ध दस्तावेज को बिना जांचे न खोलें।