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बेकाबू टैंकर से कुचल दंपति की मौत, हंगामा

Fri, 10 Feb 2017 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद।
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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झलवा चौराहे के पास बृहस्पतिवार शाम एक बेकाबू टैंकर ने बाइक सवार दंपति को कुचल दिया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने भाग रहे टैंकर को दौड़ाकर पकड़ लिया। नाराज लोगों ने पहले चालक की जमकर धुनाई की और फिर चौराहे पर चक्काजाम का प्रयास किया। सूचना पर धूमनगंज पुलिस पहुंची। पुलिस ने समझाबुझाकर भीड़ को हटाया और चालक को हिरासत में ले लिया। वहीं अनहोनी की खबर जब दंपति के घर पहुंची तो कोहराम मच गया।
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कौशांबी में मंझनपुर के बेलनपुर गांव निवासी शुभलाल चौधरी सप्लाई इंस्पेक्टर के पद से रिटायर हैं। वह गांव में ही रहते हैं। उनका इकलौता बेटा कुंवर बहादुर (35) परिवार सहित धूमनगंज के साकेतनगर मोहल्ले में रहता था। गुरुवार दोपहर गांव से फोन आया कि पिता की तबियत खराब है। कुंवर बहादुर पत्नी शर्मिला चौधरी (32) के साथ शाम लगभग साढ़े चार बजे गांव जाने के लिए बाइक से निकले थे।

रास्ते में झलवा चौराहे के पास वह किसी काम से रुके। वह बाइक पर बैठकर चलने ही वाले थे कि सामने से आ रहे टैंकर ने टक्कर मार दी। पति-पत्नी छिटककर सड़क पर गिरे और टैंकर से कुचल गए। हादसे के बाद भीड़ जुट गई। खून से लथपथ दंपति का शव देखक र लोगों की रूह कांप गई। लोगों ने टैंकर लेकर भाग रहे चालक को दौड़ाकर दबोच लिया। उसकी जमकर धुनाई कर दी। दुर्घटना से आक्रोशित लोगों ने चौराहे पर चक्काजाम का प्रयास किया। खबर पाकर राजरूपपुर चौकी प्रभारी समेत आसपास के थानों की फोर्स पहुंच गई। पुलिस ने समझाबुझाकर मामला शांत कराया। अनहोनी की खबर पाकर साकेत नगर से चाचा और मोहल्ले के  लोग पहुंचे। एसआई भुवनेश चौबे ने बताया कि चालक पन्ना लाल को हिरासत में लिया गया है।
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कुवंर बहादुर और शर्मिला के दो बेटे अन्नू (10) और हनी (9) हैं। दंपति बच्चों को पढ़ाने के लिए यहां रहते थे। वैसे तो जब कुंवर बहादुर और शर्मिला कहीं जाते थे तो दोनों बच्चों को साथ लेकर जाते थे। गुरुवार शाम पिता के बीमार होने की खबर मिलने पर कुंवर बहादुर पत्नी को लेकर गांव के लिए निकले थे। बगल में रहने वाले चाचा को दोनों बच्चों की देखभाल के लिए सहेजा था। शाम को मां-बाप की मौत की खबर सुनकर अन्नू और हनी चीख-चीख कर रोने लगे। शव क्षतविक्षत होने के चलते बच्चों को लोग मां-बाप का चेहरा भी नहीं दिखा सकते थे।
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