जिले के करैली थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि 10 जून 2022 को हजारों की भीड़ करीब दो बजे अटाला मोहल्ले की तरफ से आई और पथराव करने लगे पथराव छत से भी होने लगा, गोली बम चलाने लगे इससे राहगीरों एवं पुलिस बल में लगे तमाम लोगों को चोटे आईं।
जुमे की नमाज के बाद हुए हिंसा एवं बवाल मामले में आरोपित फजल खान पार्षद को अदालत से राहत नहीं मिलीए उनकी अग्रिम जमानत अर्जी को सत्र न्यायालय ने खारिज कर दिया है। पार्षद फजल खान की अग्रिम जमानत अर्जी पर अपर सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार श्रीवास्तव ने सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अखिलेश सिंह बिसेन एवं बचाव पक्ष के अधिवक्ता के विस्तृत तर्कों को सुनने एवं पुलिस द्वारा प्रस्तुत किए गए कागजातों का अवलोकन करने के बाद प्रस्तुत जमानत अर्जी निरस्त कर दिया।
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अदालत ने कहा
मामला राहगीरों पुलिस बल पर पथराव करने गोलियों और बमों से हमला करने का है, अतिरिक्त बल का प्रयोग कर नियंत्रित किया गया है तमाम लोग घायल हुए हैं एवं संपत्ति को आग लगाकर नष्ट किया गया है ऐसी स्थिति में जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार की जाने का कोई आधार पर्याप्त नहीं है।
यह रहा मामला
जिले के करैली थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि 10 जून 2022 को हजारों की भीड़ करीब दो बजे अटाला मोहल्ले की तरफ से आई और पथराव करने लगे पथराव छत से भी होने लगा, गोली बम चलाने लगे इससे राहगीरों एवं पुलिस बल में लगे तमाम लोगों को चोटे आईं। मोबाइल छीनने लगे, शस्त्र लूटने का प्रयास करने लगे और गाड़ियों में आग लगा दिए। छोटे बच्चों से खतरनाक कार्य कराया गया। ऐसा कार्य करने के लिए उनको उकसाया गया। अतिरिक्त बल का प्रयोग कर उन्हें नियंत्रित किया गया। इस घटना में तमाम लोगों को गिरफ्तार किया गया।