Prayagraj News : राजकीय बाल शिशु एवं बालिका गृह का निरीक्षण करते जिलाधिकारी।
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खुल्दाबाद स्थित राजकीय बाल शिशु एवं बालिका गृह में एक सप्ताह में कितने बच्चे आए और कितनों को घर भेजा गया, इसकी जानकारी अफसरों को नहीं है। बृहस्पतिवार को डीएम संजय कुमार खत्री ने निरीक्षण के दौरान इस बाबत जानकारी मांगी तो जिम्मेदार जवाब नहीं दे पाए। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी। साथ ही जिला प्रोबेशन अधिकारी को शिशु, बालिका, महिला गृह, सम्प्रेक्षण गृह किशोर का निरीक्षण कर हर सप्ताह रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
डीएम ने अपर उपजिलाधिकारी रेनू को भी 15 दिनों पर नियमित निरीक्षण कर सुविधाएं सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों से संबंधित आए आवेदनों तथा उनके निस्तारण की जानकारी भी ली। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अखिलेश मिश्रा ने बताया कि कुल 462 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसमें 426 का निस्तारण किया गया है। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई तथा चेतावनी दी। डीएम ने शेष लंबित आवेदनों की भी जानकारी ली तथा जल्द निस्तारण के निर्देश दिए।
डीएम ने बच्चों तथा बालिकाओं से खाना, नाश्ता, स्वास्थ्य परीक्षण आदि की भी जानकारी ली तथा अफसरों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने इसमें किसी तरह की लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी। डीएम ने निर्देश दिया कि इच्छुक बच्चों की उनके माता-पिता से नियमित बात भी कराई जाए। डीएम ने बच्चों को चिप्स, टाफी आदि भी वितरित किए। इस दौरान एडीएम वित्त एवं राजस्व जगदंबा सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी पंकज मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज राव आदि मौजूद रहे।
बीमार मिलीं बच्चियां
राजकीय बालिका गृह में कुछ बच्चियां की तबीयत खराब है। वहां क्षमता से काफी अधिक बच्चियां हैं। हालांकि दो दिनों में करीब 20 बच्चियों को उनके घर भेजा गया है। इसके बावजूद संख्या काफी अधिक है। इससे खसरे का भी खतरा बना हुआ है। डीएम ने बीमार बच्चियों की समुचित इलाज की हिदायत दी। साथ ही बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।