इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महोबा के पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार के खिलाफ लखनऊ की विशेष अदालत में भ्रष्टाचार मामले में चल रहे मुकदमे की कार्यवाही व समन आदेश पर रोक लगा दी है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महोबा के पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार के खिलाफ लखनऊ की विशेष अदालत में भ्रष्टाचार मामले में चल रहे मुकदमे की कार्यवाही व समन आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही राज्य सरकार से दो सप्ताह में तलब जवाब किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति संजय कुमार पचौरी की एकल पीठ ने दिया है।
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पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार के खिलाफ क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने रिश्वत मांगने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए थे। संदिग्ध हालात में आठ सितंबर 2020 को इंद्रकांत को गोली लग गई थी। इसके तीन दिन बाद उनकी मौत हो गई। इंद्रकांत के भाई ने मणिलाल पाटीदार, तत्कालीन इंस्पेक्टर और अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। भ्रष्टाचार के मामले में 22 जुलाई 2021 को पाटीदार के खिलाफ महोबा कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
इस मामले में विशेष अदालत भ्रष्टाचार निवारण लखनऊ ने संज्ञान और समन आदेश जारी किया। मणिलाल ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि उसे परेशान करने के लिए झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। ट्रायल कोर्ट ने तथ्यों पर विचार किए बिना समन आदेश पारित किया है। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया मामले को विचारणीय मानते हुए राज्य सरकार को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई तक के लिए मुकदमे की कार्यवाही पर रोक लगाई है।