दिल्ली में निजामुद्दीन की तब्लीगी जमात में शामिल होकर यहां आए सात इंडोनेशियाई समेत 11 लोगों में से तीन लोगों की रिपोर्ट शुक्रवार शाम तक भी नहीं आई, जबकि एक की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। अब तक कुल आठ लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है।
संक्रमण का खतरा भांपते हुए तीनों कोरोना संदिग्धों को लेबल टू के बेली अस्पताल में शिफ्ट किया गया। वहां आइसोलेशन वार्ड में उनकी स्क्रीनिंग कर उपचार शुरू किया गया। नोडल अधिकारी कोरोना डॉ. गणेश कुमार ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सभी की हालत सामान्य है।
शुक्रवार को दिन भर तब्लीगी जमात में शामिल लोगों की रिपोर्ट का इंतजार किया जाता रहा। शाम तक केजीएमयू ने जो आंकड़ा जारी किया, उसमें प्रयागराज का नाम शामिल नहीं रहा। सूची में पड़ोसी जनपद प्रतापगढ़ के तीन लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि से यहां भी हड़कंप मचा है। शाम को आई रिपोर्ट में एक संदिग्ध की रिपोर्ट निगेटिव रही जबकि तीन पर संशय बना रहा।
स्वास्थ्य विभाग की आरआरटी टीम ने शुक्रवार को उन तीन कोरोना संदिग्धों को करेली पैलेस स्थित महबूबा पैलेस से हटाया। जानकारी के मुताबिक सभी को बेली के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। वहां उनकी स्क्रीनिंग की गई।
अधीक्षक डॉ. सुषमा श्रीवास्तव ने इससे इनकार करते हुए कहा कि कोरोना संदिग्धों के बारे में जानकारी सीएमओ देंगे। प्रयागराज से अब तक कुल 22 नमूने जांच को भेजे गए थे। इसमें बुधवार को भेजे गए 11 मामले भी शामिल हैं। इनमें अब तक 19 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। लखनऊ से तीन लोगों की रिपोर्ट न आने से संशय बना हुआ है। क्योंकि इसमें यह स्पष्ट नहीं है कि जिन लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है, विदेशी नागरिक शामिल हैं या नहीं।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार रात शाहगंज के मुसाफिरखाने और काटजू रोड स्थित अब्दुल्लाह मस्जिद से इन लोगों को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुलिस के साथ उठाया था। इनमें कुल नौ विदेशी थे, जिनमें सात इंडोनेशिया के रहने वाले थे। कुल 37 लोगों को प्रशासन ने क्वारंटाइन कर दिया था।
केजीएमयू से मिली जानकारी के मुताबिक प्रयागराज से आए नमूनों में अभी तक कोई पॉजीटिव नहीं पाया गया। इसके बाद स्वास्थ्य महकमे में सीएमओ, नोडल आदि समेत सभी ने थोड़ी राहत की सांस ली है लेकिन, चार की रिपोर्ट पर संशय ने उनकी चिंताएं बढ़ा दी हैं। बताते हैं कि रिपोर्ट में देरी से एहतियातन इन लोगों को आइसोलेशन वार्ड में ले जाया गया है।