धूमनगंज के न्याय विहार कॉलोनी में बाहर से आए लोगों को कोरोना संदिग्ध समझने के बाद हंगामा हो गया। बात बढ़ी तो दोनों पक्षों में मारपीट हो गई और फिर दोनों ओर से एक-दूसरे पर हत्या के प्रयास का भी केस दर्ज करा दिया गया। हालांकि पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया और आगे कार्रवाई नहीं करने का अनुरोध किया है।
घटना सोमवार रात आठ बजे के करीब हुई। मूल रूप से कौशाम्बी के मंझनपुर का रहने वाला एक युवक पुणे में रहता था। 17 मई को वह अपने जीजा के न्याय विहार कॉलोनी धूमनगंज स्थित मकान में पहुंचकर होम क्वारंटीन हो गया। उसने अपनी कोरोना जांच पुणे में कराई थी जिसमें उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई।
आरोप है कि जांच संबंधी प्रमाणपत्र दिखाने के बावजूद सोमवार रात पड़ोस में रहने वाले चार लोग इंडीवर गाड़ी से आए सात अज्ञात लोगों संग उसके घर में घुस आए और गालीगलौज करते हुए पिस्टल निकालकर जान से मारने का प्रयास किया। घटना में उसका एक रिश्तेदार चोटिल भी हुआ। विवाद की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई। जहां भुक्तभोगी की तहरीर पर पांच नामजद व अन्य अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया गया।
उधर दूसरे पक्ष की युवती ने तहरीर दी कि पड़ोस में स्थित मकान का दो दिन पहले संदिग्ध हाल में ताला खुला और उसमें दो लोग रहने लगे। पूछताछ करने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। सोमवार रात मकान मालिक के आने पर पूछा गया तो 20-25 असलहाधारियों को बुलाकर मारपीट की गई। जिसमें उसके पिता व एक अन्य गंभीर रूप से चोटिल हुए। पुलिस ने इस तहरीर पर भी चार नामजद व अन्य अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की। मामले में धूमनगंज इंस्पेक्टर शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है। हालांकि, मंगलवार को दोनों पक्षों ने आकर आगे कार्रवाई न करने का अनुरोध किया है।