नियमित जांच के अलावा हर रोज चार बार रिपोर्ट लेगी। ऐसे में यह व्यवस्था लागू करने से पहले प्रशासन को भी पूरी व्यवस्था करनी होगी। अफसरों के अनुसार प्रशासन और पुलिस की अलग-अलग सर्विलांस टीम होगी। इसके अलावा ऐसे मरीजों के लिए अलग कंट्रोल रूम भी होगा, जहां से मरीज तथा परिजन हमेशा संपर्क में रहेंगे। डॉक्टर तथा अन्य स्टाफ की अलग टीम होगी।
कौन से मरीज को होम आइसोलेशन की अनुमति दी जा सकती है, इसके लिए स्क्रीनिंग टीम भी गठित की जाएगी। होम आइसोलेशन में रहने के लिए मरीज को निर्धारित प्रारूप में हलफनामा देना होगा। इसके लिए फार्म छपवाने होंगे। इसी वजह से गाइडलाइन जारी होने के तीन दिन बाद यह व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया है।
डीएम भानुचंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता में सोमवार को देर रात तक चली बैठक में इन सभी बिंदुओं पर चर्चा हुई। डीएम ने बताया कि यहां यह व्यवस्था 24 जुलाई से प्रभावी होगी। शासन की गाइडलाइन के अनुसार पूरी व्यवस्था की जा रही है। फार्म छपने के प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। सभी टीम तथा संक्रमितों को निगरानी समितियों से भी जोड़ा जाएगा। यह पूरी व्यवस्था 24 से पहले कर ली जाएगी।