कोेरोना की पहली लहर के मुकाबले दूसरी लहर में गाड़ियों की बिक्री अधिक हुई है। परिवहन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि दूसरी लहर में गाड़ियों की बिक्री सवा पांच गुना अधिक रही। इसके साथ ही अप्रैल 2021 के मुकाबले मई 2021 में बिक्री का आंकड़ा और बढ़ गया। अप्रैल में जहां 7431 गाड़ियों की बिक्री हुई थी वहीं मई में इसमें 2119 गाड़ियों का इजाफा हुआ और कुल 9540 गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन किया गया।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ. सियाराम वर्मा कहते हैं कि अप्रैल और मई दोनों महीनों में आंशिक लॉकडाउन लगाया गया था। लेकिन, विभाग बंद नहीं थे। इसलिए जो वाहन बिके उनका रजिस्ट्रेशन हुआ। आंशिक लॉकडाउन के दौरान कर्मचारी शिफ्ट में आते थे, जो गाड़ियां बिकी उनका पंजीयन हुआ।
विभाग के आंकड़े के मुताबिक अप्रैल 2021 में मोटरसाइकिल व स्कूटर 6290 बिके, मोपेड 87, मोटरकार की संख्या 1054 रही, जो कि कुल मिलाकर 7431 हो गई। जबकि, मई में वाहनों की बिक्री बढ़ गई। मई में कुल 9540 वाहन बिके, जिसमें से मोटरसाइकिल व स्कूटर की संख्या कुल 8917 रहीं। इसी तरह मोपेड कुल 80 बिके जबकि मोटर कार की संख्या कुल 543 ही रही। अप्रैल के मुकाबले मई में कार की बिक्री तकरीबन पचास फीसदी कम रही।
कोरोना की पहली लहर के मुकाबले दूसरी लहर में सवा पांच गुना बिके वाहन
कोरोना की दूसरी लहर में पहली लहर के मुकाबले अप्रैल और मई में वाहनों की बिक्री तकरीबन सवा पांच गुना अधिक रही। परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल और मई 2021 में कुल 16971 वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ जबकि अप्रैल और मई 2020 में मात्र 3294 वाहन ही बिके थे। अप्रैल 2020 में कुल 2266 वाहन और मई में कुल 781 वाहन बिके थे। परिवहन अधिकारी इसकी मुख्य वजह बताते हैं कि दूसरी लहर के मुकाबले पहली लहर में संर्पूण लॉकडाउन किया गया था। इस वजह से बिक्री कम हो सकी थी जबकि दूसरी लहर में आंशिक लॉकडाउन रहा। इसमें कार्यालय खुला रहा, जिसकी वजह से वाहनों की बिक्री अधिक हुई।