प्रयागराज। कोरोना संक्रमण ने एक और चिकित्सक की जान ले ली। कोविड संक्रमित रेडियोलॉजिस्ट डॉ. संजय पांडय नहीं रहे। मंगलवार शाम 3.30 बजे उन्होंने एसजीपीजीआई में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। परिवारीजनों, मित्रों की मौजूदगी में राजधानी के गोमतीनगर बैकुंठ धाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनकी अस्थियां बुधवार को उनके चर्च लेन आवास पर दर्शनार्थ रखने के बाद संगम में विसर्जित की जाएंगी।
डॉ. संजय पांडेय के निजी सचिव उदय पांडेय के मुताबिक 16 अप्रैल को रामबाग स्थित डॉयग्नोस्टिक सेंटर में उन्हें बुखार आया। उन्होंने बताया कि लक्षण कोविड के लग रहे हैं। वह होम क्वारंटीन हो गए। बीस अप्रैल को अपने सेंटर में सीटी स्कैन कराया तो संक्रमण की पुष्टि हुई। 21 को यश हॉस्पिटल में दिखाने गए, वहीं 22 अप्रैल को भर्ती हो गए। इस बीच उनकी कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
डॉ. संजय पांडेय के स्वास्थ्य में दस मई तक सुधार नहीं हुआ। कभी बोलते चलते रहे पर संक्रमण का स्तर कम नहीं हुआ। दस मई को कोविड रिपोर्ट फिर पॉजिटिव आई तो उन्हें पीजीआई लखनऊ के लिए रेफर किया गया। डॉ. पांडेय के निजी सचिव उदय के मुताबिक इलाज के दौरान उनकी आंखों में सूजन आ गई थी। उपचार के दौरान मंगलवार को उन्होंने दिन में करीब साढ़े तीन बजे अंतिम सांस ली। परिजनों, रिश्तेदारों और मित्रों की मौजूदगी में उनका लखनऊ के गोमतीनगर बैकुंठ धाम में अंतिम संस्कार किया गया।
बेटे के बाद पति का शव देख बिलख पड़ीं डॉ. शालिनी, बेटी श्रेया
पीजीआई में उपचार के दौरान डॉ. संजय की पत्नी डॉ. शालिनी पांडेय, बेटी श्रेया पूरे समय डटी रहीं। भांजा आशीष शुक्ला, मित्र डॉ. राकेश शर्मा आदि भी वहीं रहे। डॉ. पांडेय नहीं रहे यह खबर आई तो डॉ. शालिनी बेटी श्रेया को पकड़कर बिलख पड़ीं। वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम थीं। शालिनी पर करीब चार साल में यह दूसरा वज्रपात है। दिल्ली के सेंट स्टीफेन मेडिकल कॉलेज में चार वर्ष पहले एक साथी डॉक्टर ने उनके बेटे डॉ. शाश्वत की हत्या कर दी थी। मामले की जांच सीबीआई कर रही है। बेटे के बाद पति की मौत ने डॉ. शालिनी को बड़ा दुख दिया है।
एएमए पदाधिकारियों, सदस्यों, चिकित्सकों ने जताया दुख
एएमए के अध्यक्ष डॉ एमके मदनानी, सचिव डॉ. राजेश मौर्या, डॉ. अमिताभ उपाध्याय, डॉ. आलोक पांडेय, डॉ.बीके सिंह, डॉ. राकेश शर्मा, डॉ. संजय तिवारी आदि ने डॉ. संजय पांडेय की मौत पर दुख जताया है। एमएलएन मेडिकल कॉलेज के 23 वें बैच के पासआउट डॉ. संजय रेडियोलॉजी के क्षेत्र में अलग पहचान थी। उनकी रिपोर्ट सटीक होती थी।