नकल विहीन परीक्षा तथा बेदाग प्रवेश प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए राज्यपाल के नेतृत्व में जल्द ही कुलपतियों की बैठक बुलाई जाएगी। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में ‘विश्वविद्यालय प्रबंध तंत्र-डिजिटलीकरण’ विषय पर मंगलवार को शुरू दो दिनी गोष्ठी और कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए राज्यपाल रामनाईक ने बताया कि इस बैठक में राज्य के अलावा केंद्रीय तथा डीम्ड यूनिवर्सिटी के कुलपतियों और कुलसचिवों को भी शामिल किया जाएगा।
राज्यपाल ने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता के लिए डिजिटलाइजेशन को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि गोष्ठी में नकल विहीन परीक्षा, समय से रिजल्ट, प्रवेश में पारदर्शिता पर चर्चा के साथ निष्कर्ष भी निकलने चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को कम नंबर मिलने की अक्सर शिकायत रहती है। इसके समाधान के लिए उन्हें ऑनलाइन कॉपी देखने की छूट मिलनी चाहिए। उन्होंने दूरस्थ शिक्षा में तकनीकी के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
कहा कि कुलपतियों और कुलसचिवों की बैठक में इस गोष्ठी में निकले निष्कर्षों को ध्यान में रखकर चर्चा की जाएगी और जरूरी कदम उठाए जाएंगे। डिजिटलाइजेशन के साथ राज्यपाल ने गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर भी प्रकाश डाला। कुलपति प्रोफेसर एमपी दुबे ने विश्वविद्यालय में तकनीकी के बढ़ते इस्तेमाल, कोर्सेज तथा अन्य उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में मूक (मैसीव ओपेन ऑनलाइन नालेज) डेवलपमेंट करने का भी निर्णय लिया गया है। इसकी मदद से विद्यार्थी कई भाषाओं में अध्ययन किया जा सकेगा।
इस मौके पर ई-सोविनियर समेत कई पुस्तकों का विमोचन भी हुआ। विभिन्न सत्रों को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रोफेसर पृथ्वीश नाग, महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एनसी गौतम, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर आरपी मिश्रा, रुहेलखंड के पूर्व कुलपति प्रोफेसर ओमप्रकाश, पूर्व उच्च शिक्षामंत्री डॉ.नरेंद्र सिंह गौर, डॉ.बीबी अग्रवाल आदि ने विचार रखे। आयोजन के निदेशक डॉ.जीके द्विवेदी ने विषय प्रवर्तन किया। संयोजक डॉ.श्रुति ने अतिथियों का स्वागत किया। डॉ.रामजी मिश्र ने संचालन तथा कुलसचिव डीपी त्रिपाठी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
राज्यपाल रामनाईक और प्रदेश सरकार में मंत्री आजम खां के बीच तल्खी बरकरार है। मुक्त विश्वविद्यालय में आए राज्यपाल ने आजम खां के बयानों को राजनीति से प्रेरित होने की बात कहते हुए टिप्पणी से तो मना कर दिया, लेकिन विधानसभा में आजम की टिप्पणी पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि विधानसभा में उनका बयान राज्यपाल और राजभवन की गरिमा के प्रतिकूल था। इसलिए विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर आपत्ति जताई थी। उन्होंने बताया कि विधानसभा में आजम ने कुल 60 शब्द बोले थे। उनमें से 20 शब्द आपत्तिजनक थे। उन्हें विधानसभा की कार्यवाही से हटा लिया गया है। मेयर के अधिकार के संबंध में अध्यादेश लाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि आजम खां प्रदेश सरकार में वरिष्ठ मंत्री हैं। उन्हें पता होगा कि अध्यादेश के लिए भी राज्यपाल की मंजूरी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब सरकार इस तरह का कोई प्रस्ताव उनके पास भेजेगी तब उस पर विचार किया जाएगा।
राज्यपाल रामनाईक ने उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के यमुना परिसर का शिलान्यास और भूमि पूजन किया। शांतिपुरम आवास योजना में स्थित साढ़े पांच एकड़ के परिसर में क्षेत्रीय कार्यालय और आवासीय भवन बनने हैं। राज्यपाल ने कहा कि निर्धारित समय में भवन का निर्माण हो जाए कार्यदायी संस्था को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए।
उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के नाम पर पीठ की स्थापना की जाएगी। मंगलवार को विश्वविद्यालय में आयोजित गोष्ठी में कुलपति प्रोफेसर एमपी दुबे ने इसकी घोषणा की। उन्हाेंने बताया कि गोष्ठी अटल बिहारी का कार्यकाल सुशासन के लिए जाना जाता है। पीठ की स्थापना भी ‘गुड गवर्नेंस इन एजुकेशन इन उत्तर प्रदेश’ विषय पर रिसर्च के लिए की जाएगी। कुलपति ने बताया कि वे अपने वेतन से पीठ की स्थापना करेंगे। इसके अलावा फंड के लिए यूजीसी तथा अन्य संस्थाओें को प्रस्ताव भेजा जाएगा। राज्यपाल ने भी मदद का आश्वासन दिया है।