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दोबारा जांची जाएंगी PCS-2015 के टॉपरों की कॉपियां, लाल पेन से तैयार ‘चक्रव्यूह’ तोड़ने के करीब CBI

Tue, 24 Apr 2018 10:38 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इलाहाबाद
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पीसीएस-2015
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पीसीएस-2015 के टॉपरों की कॉपियां दोबारा जांची जाएंगी। मॉडरेशन की आड़ में नंबर घटाए-बढ़ाए जाने के ठोस सुबूत मिलने के बाद सीबीआई अब लाल पेन से तैयार किए गए पीसीएस-2015 के 'चक्रव्यूह' को तोड़ने के करीब है। मोडरेशन की आड़ में कॉपियों पर चले लाल पेन ने सैकड़ों मेधावियों को मेरिट से बाहर कर दिया तो नंबर बढ़ने पर मेरिट से बाहर हो रहे कई अभ्यर्थियों को फायदा मिला और उनका चयन हो गया। इनमें से कुछ तो टॉप ट्वेंटी में भी शामिल हुए। 

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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की भर्ती परीक्षाओं की जांच कर रही सीबीआई ने जब मॉडरेशन प्रक्रिया को खंगालना शुरू किया था तो किसी को भी अंदाज नहीं था कि इसकी आड़ में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी हुई होगी। मॉडरेशन की आड़ में नंबर घटाए और बढ़ाए गए, लेकिन इसके लिए कोई मानक नहीं अपनाया गया। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई को जांच में कई अहम सुराग मिले हैं। 

नंबर घटाने और बढ़ाने में लाल पेन का उपयोग किया गया। कॉपियों में मॉडरेटर के हस्ताक्षर भी हैं, लेकिन हस्ताक्षर इतने आड़े-तिरछे हैं कि किसी के लिए भी हस्ताक्षर के आधार पर नाम का पता लगा पाना मुमकिन नहीं है। आयोग पहले ही सीबीआई को मॉडरेटर का नाम बताने से इनकार कर चुका है। सूत्रों का कहना है कि लाल पेन चलाकर इस तरह से उल्टे-सीधे हस्ताक्षर तो आयोग का एक बाबू भी कर सकता है। सीबीआई को प्रारंभिक जांच में इससे जुड़े कुछ सुबूत भी मिले हैं।
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टॉप ट्वेंटी में शामिल कई अभ्यर्थियों के नंबर मॉडरेशन की आड़ में बढ़ाए गए। इसका उन्हें फायदा मिला और उनकी एसडीएम जैसे उच्च पदों पर तैनाती हुई। वहीं, जो अभ्यर्थी टॉप ट्वेंटी में आ सकते थे, उनके नंबर घटा दिए गए। उन्हें नुकसान हुआ। नीचे के पदों पर तैनाती मिली या असफल घोषित होने पर उन्हें मेरिट से बाहर कर दिया गया। सीबीआई अब ऐसे सभी चयनित अफसरों की कॉपियों की दोबारा जांच कराएगी और इसके लिए अलग से विशेषज्ञ लगाए जाएंगे। हालांकि मॉडरेशन की आड़ में हुई गड़बड़ी के ठोस सूबुत सीबीआई को पहले ही मिल चुके हैं, लेकिन सीबीआई अपने स्तर से कॉपियों की जांच कराकर सुबूतों को और पक्का करना चाहती है। सीबीआई पीसीएस-2015 के सभी संदिग्ध चयनितों की कॉपियों की दोबारा जांच कराएगी।

पूनर्मूल्यांकन में होगा हैंडराइटिंग का मिलान
सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान सीबीआई को यह सुराग भी मिला है कि पीसीएस-2015 के कुछ चयनित अफसरों की कॉपियां दूसरों ने लिखीं थीं। सीबीआई ने ऐसे अफसरों को चिह्नित कर लिया है और पूनर्मूल्यांकन के दौरान इन संदिग्ध चयनितों की कॉपियों में हैंडराइटिंग का मिलाना भी कराया जाएगा। इसके लिए सीबीआई हैंडराइटिंग एक्सपर्ट की मदद लेगी। इसके अलावा कॉपियों में मॉडरेशन करने वाले के हस्ताक्षर का मिलान भी आयोग के संदिग्ध कर्मियों एवं अफसरों के हस्ताक्षर से कराया जाएगा।

दो रिटायरर्ड अफसरों से हुई पूछताछ
सीबीआई के गोविंदपुर स्थित कैंप कार्यालय में मंगलवार को भी कई चयनित अभ्यर्थियों से पूछताछ की गई। इसके साथ ही आयोग के दो सेवानिवृत्त अधिकारियों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था। ये दोनों अफसर वर्षों तक आयोग के गोपनीय विभाग में तैनात थे। इसके अलावा आयोग के कुछ कर्मचारियों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया। पूछताछ के लिए सभी को सुबह 10.30 बजे बुलाया गया था लेकिन आयोग के कुछ कर्मचारी सुबह आठ बजे तक ही सीबीआई कैंप कार्यालय पहुंच गए।

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