राजनीति के कारण ही मंदिर निर्माण मुद्दा शिथिल हो गया है। इसलिए अयोध्या स्थित रामजन्म भूमि पर मंदिर निर्माण में सभी रामभक्तों का सहयोग लिया जाएगा। यह बातें मंगलवार को संगमनोज अक्षयवट मार्ग स्थित गंगा सेना के शिविर में ज्योतिष एवं द्वारकाशारदा पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहीं।
गंगा सेना प्रमुख योगगुरु स्वामी आनंद गिरि को आशीर्वाद देने पहुंचे शंकराचार्य ने कहा कि हमें राममंदिर निर्माण के लिए भूमि मांगने की आवश्यकता नहीं है। रामजन्म भूमि पर न्यायालय का भी निर्णय आ चुका है और जन्म भूमि पर राम मंदिर का निर्माण किसी को नीचा दिखाने के लिए नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार गंगा यमुना अदृश्य सरस्वती के संगम तट पर डुबकी लगाने में किसी प्रकार का बंधन नहीं है उसी प्रकार ही अयोध्या में राममंदिर के लिए कोई बंधन न हो।
शंकराचार्य ने स्पष्ट कहा कि सनातन धर्म से संबंधित सभी मसले शंकराचार्य, धर्माचार्य, संत महात्माओं द्वारा तय किए जाने चाहिए। राम मंदिर का निर्माण रामालय ट्रस्ट ही मंदिर निर्माण कराएगा। जिसमें सनातन धर्म के सभी संतों महात्माओं एवं रामभक्तों का सहयोग लिया जाएगा। शंकराचार्य ने त्रिवेणी मार्ग स्थित अपने शिविर में भी भक्तों को संबोधित किया। जय सिया राम के घोष से पंडाल गूंजता रहा।