किशोरी के धर्मांतरण व जिहादी प्रशिक्षण का दबाव बनाने के मामले में केरल पहुंची पुलिस टीम ने जांच शुरू कर दी है। शनिवार को टीम ने त्रिशूर रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर घटना वाले दिन का सीसीटीवी फुटेज खंगाला। साथ ही आरपीएफ व कर्नाटक पुलिस से भी मामले की जानकारी हासिल की।
पुलिस अफसरों की ओर से इस मामले की जांच के लिए एक स्पेशल टीम गठित की गई है। यह टीम दो दिन पहले केरल के लिए रवाना हुई थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, टीम शनिवार को त्रिशूर रेलवे स्टेशन पहुंची। वहां टीम ने घटना वाले दिन का सीसीटीवी फुटेज खंगाला। साथ ही उस दिन ड्यूटी पर मौजूद रहे आरपीएफ, कर्नाटक पुलिस के जवानों से भी संपर्क साधा और घटना के बाबत जानकारी ली।
टीम ने उस हॉस्टल के बारे में भी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है, जहां किशोरी को रखा गया था। सूत्रों का कहना है कि पुलिस टीम जल्द ही त्रिशूर बाल कल्याण समिति के सदस्यों से भी मिल सकती है। मामले में डीसीपी गंगानगर जोन कुलदीप सिंह गुनावत का कहना है कि पुलिस टीम केरल में जांच पड़ताल कर रही है। घटना के संबंध में साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं।
मुख्य संदिग्ध ताज के कई करीबी भी रडार पर
अब तक की जांच में मामले में मुख्य संदिग्ध माने जा रहे ताज के कई करीबी भी पुलिस के रडार पर हैं। यह वह लोग हैं, जो लगातार ताज के संपर्क में थे। उसकी कॉल डिटेल रिपोर्ट से यह नंबर मिले हैं। फिलहाल, ताज पकड़ में नहीं आया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि जल्द ही उसके कई करीबी उठाए जा सकते हैं।