कई साल पहले गाजी के संपर्क में आने के बाद ही उसने धर्म परिवर्तन कर लिया था और सुभाष से मो. सईद बन गया था। अफसरों के मुताबिक, बकौल मोनिश वह अपने फूफा के घर आता जाता रहता था और उसके ही जरिए गाजी के संपर्क में आया। गाजी ने उसे इस्लाम कबूलने के लिए कहा। जिस पर करीब दो साल पहले उसने धर्म परिवर्तन कर लिया। इसी तरह मोनिश ने बताया कि वह कई सालों से गाजी के संपर्क में था। वह कपड़े सिलने का काम करता था। 12-13 साल पहले उसने धर्मांतरण कर लिया था। उसने मुस्लिम महिला से ही शादी भी की।
दोनों के पास मिले दो-दो आधार कार्ड
पुलिस ने बताया कि मोनिश व समीर दोनों के कब्जे से दो-दो आधार कार्ड बरामद हुए हैं। इनमें से एक में उनका पूर्व जबकि दूसरे में वर्तमान नाम है। अफसरों का कहना है कि जांच में यह बात सामने आई है कि किताबें बांटने के दौरान अगर किसी को शक होता था तो वह अपना पूर्व नाम का आधार कार्ड दिखाते थे। जबकि मुस्लिम इलाकों में जाने पर वर्तमान नाम वाले आधार कार्ड का इस्तेमाल करते थे।
शुरुआत से ही थे मेले में
पुलिस की पूछताछ में मोनिश व समीर ने यह भी बताया कि दोनों शुरुआत से ही माघ मेले में किताबें बांटने का काम कर रहे थे। वह घूम-घूमकर ठेले पर किताबें बेचा करते थे। पकड़े जाने के दौरान वह लेटे हनुमान मंदिर से आगे महाबीर मार्ग पर किताबें बांट रहे थे।