Controversy between saints and administration over Khak Chowk ground cover
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प्रयागराज। खाक चौक को जमीन आवंटन को लेकर संतों और प्रशासन के बीच विवाद हो गया है। जमीन आवंटन को लेकर संतों और प्रशासनिक अफसरों की बीच रविवार को पांच घंटे तक बैठक हुई, लेकिन उसका कोई नतीजा नहीं निकला। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि खाक चौक को जो निर्धारित जमीन है वही उन्हें दी जाएगी। इसका आवंटन सोमवार को होगा। वहीं खाक चौक व्यवस्था समिति 300 बीघा जमीन की मांग पर अड़ी हुई है। कोई ठोस नतीजा न निकलता देख तमाम संत बीच में ही बैठक छोड़कर बाहर आ गए।
मेला प्रशासन द्वारा खाक चौक को सेक्टर तीन पर जमीन दी जानी है। यह जमीन त्रिवेणी पांटुन पुल को पार करने के बाद है। जमीन आवंटन से पूर्व रविवार को प्रशासनिक अफसरों की खाक चौक व्यवस्था समिति के पदाधिकारियों एवं संतों के साथ बैठक हुई। इस बार बाढ़ के कारण वहां जमीन का कुछ हिस्सा दलदली है। वहां 125 बीघा जमीन देने की चर्चा की जा रही है। साथ ही 50 बीघा जमीन मनसैता नाले के पास दिए जाने की भी बात कही गई। लेकिन संत इसके लिए तैयार नहीं हुई। रविवार रात 8.30 बजे तक सिटी मजिस्ट्रेट रजनीश मिश्र संतों को मनाते रहे। नतीजा न निकलने पर वहां एडीएम सिटी एके कनौजिया पहुंचे। उन्होंने सुझाव दिया कि कुछ संतों को ओल्ड जीटी रोड पर बसा दिया जाए, लेकिन संतों ने ऐसा मानने से इंकार कर दिया। संतों ने कहा कि ओल्ड जीटी रोड से भले ही उन्हें एक किमी दूर जमीन दी जाए लेकिन वह सभी सुविधाओं के साथ 500 बीघा से कम नहीं होनी चाहिए। हालांकि प्रशासन ने इतनी जमीन देने पर अपनी असमर्थता जाहिर कर दी। बैठक बाद खाक चौक व्यवस्था समिति के सचिव सतुआ बाबा ने कहा कि प्रशासन हर बार गलत निर्णय लेता है। उन्होंने जमीन आवंटन पर भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया। कहा कि जब प्रशासन को पता है कि खाक चौक की जमीन कहां आवंटित होती है तो उसी स्थान पर जमीन क्यों नहीं दी जा रही। इस बारे में एडीएम सिटी एके कनौजिया का कहना है कि खाक चौक को जो निर्धारित जमीन है, वह उन्हें दी जाएगी। थोड़ी बहुत जमीन जो कम पड़ेगी उसके बारे में संतों से बातचीत की जाएगी। कहा कि जमीन आवंटन सोमवार को होगा।