फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विवादों ने घटा दिया मतदान प्रतिशत

Thu, 01 Oct 2015 02:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
इलाहाबाद (ब्यूरो)। जिसकी आशंका थी वही हुआ। परिसर की अराजकता तथा छात्र नेताओं की निरंकुशता की वजह से इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के प्रति छात्र-छात्राओं का पुराना उत्साह पहले से ही गुम होता जाता रहा है। चुनावी प्रक्रिया में लगातार विवादों ने इस उत्साह को और फीका कर दिया। इस बार मात्र 35 फीसदी छात्र-छात्राओं ने मताधिकार का उपयोग किया। छात्राओं का मतदान प्रतिशत तो 20 प्रतिशत से भी कम रहा। पिछले साल कुल 41 प्रतिशत विद्यार्थियों ने वोट डाला था। इससे पहले 2013 में तकरीबन 43.17 प्रतिशत मतदान हुआ था। वहीं 2012 में 50 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ था।
विज्ञापन


इस बार मतदाताओं की कुल संख्या 20555 रही। इनमें से 7352 ने मतदान किया। वोट डालने वाली छात्राओं की संख्या 1286 रही। जबकि, मतदाता सूची में शामिल कुल छात्राओं की संख्या 6066 है। इस तरह से उनका मतदान प्रतिशत 19.75 प्रतिशत रहा। कुल 14046 छात्रों में 6066 ने वोट डाला। इस तरह से छात्रों का मत प्रतिशत 43 फीसदी रहा।
मतदान प्रतिशत में लगातार कमी के पीछे छात्रसंघ को लेकर छात्र-छात्राआें में निराशा को प्रमुख कारण माना जा रहा है। सात साल बाद 2012 में बने छात्रसंघ से विद्यार्थियों को धोखा मिला तो 2013 और 2014 में चुने गए पदाधिकारियों ने भी छात्र-छात्राओं को निराश किया।
विज्ञापन


कई पदाधिकारी तो चुनाव जीतने के बाद परिसर में दिखे ही नहीं। इसके अलावा इस बार का चुनाव काफी विवादित रहा। आखिरी दिन तक प्रत्याशियों के नामांकन खारिज किए गए। गलतफहमी बताकर नामांकन रद्द करने के फैसले पलटे भी गए। इसके अलावा चुनाव अधिकारी तथा अन्य शिक्षकों के लगातार इस्तीफा देने से भी माहौल बिगड़ गया। छात्रसंघ के लिए लंबा संघर्ष करने वाले छात्र नेताओं का कहना है कि पिछले तीनों छात्रसंघ से विद्यार्थियों में काफी निराशा रही। लगा ही नहीं कि विश्वविद्यालय में छात्रसंघ है। इस निराशा के बीच चुनाव अधिकारी तथा प्रक्रिया से जुड़े अन्य शिक्षकों की नकारात्मक रवैया ने छात्र-छात्राओं को और दूर कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें