30 जून को हुई थी घटना, माता-पिता व पत्नी के साथ दो बेटों की परवरिश की थी जिम्मेदारी
पट्टी। करंट की चपेट में आए संविदा लाइनमैन की घटना के एक महीने बाद इलाज के दौरान लखनऊ स्थित एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। आसपुर देवसरा इलाके के अतरौरा पावर हाउस पर तैनात संविदा लाइनमैन हाई वोल्टेज लाइन को ठीक करने के दौरान करंट की चपेट में आया था।
कोतवाली क्षेत्र के भानेपुर गांव निवासी विनोद तिवारी बीते 30 जून की शाम छह बजे 11 हजार की हाई वोल्टेज लाइन को ठीक करने के लिए खंबे पर चढ़ा था। इस दौरान शटडाउन लेने के बाद भी अचानक बिजली आपूर्ति कर दी गई थी। इस वजह से वह हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया था। उसे इलाज के लिए सीएचसी फिर वहां से गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया था। जिला अस्पताल से उसे प्रयागराज स्थित एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। फिर भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो उसे लखनऊ ले गए थे। जहां उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था ।
मंगलवार की भोर में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। विनोद अपने मां-बाप का इकलौता पुत्र था। उसके सहारे मां सीता देवी, पिता स्वामीनाथ पत्नी साधना दो बेटे प्रियम व प्रियेश की भी जिम्मेदारी थी। दोनों बेटों की उम्र अभी क्रमश: 17 और 14 वर्ष है। दोनों पढ़ाई कर रहे हैं। तीन बहनों के इकलौते भाई की आकस्मिक मृत्यु से घर में मातम छाया है। परिजनों का रो रो कर हाल खराब है। संवाद
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संविदा लाइनमैन की मौत पर विद्युत कर्मियों ने की शोक सभा
पट्टी। अतरौरा पावर हाउस पर कार्यरत सहकर्मी संविधान लाइनमैन विनोद तिवारी की मौत पर शोक जताया है। शोक सभा में विद्युत कर्मियों ने दो मिनट का मौन रखकर ईश्वर से सहकर्मी विनोद की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। संवाद