गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। रामघाट पर पानी भर से हरिहर गंगा आरती का स्थान जलमग्न हो गया है।
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केन, बेतवा में उफान और पहाड़ों पर हो रही बारिश से गंगा-यमुना के जलस्तर में अचानक इजाफा शुरू हो गया है। रविवार को आठ सेमी. प्रतिघंटा की रफ्तार से गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा। यमुना के जलस्तर में तीन सेमी. प्रति घंटा की रफ्तार से वृद्धि होती रही। उधर, बेली कछार के अलावा शिवकुटी, बघाड़ा और सलोरी में गंगा ने दस्तक दे दी है। कहा जा रहा है कि जलस्तर इसी तरह बढ़ा तो कछारी इलाकों में घर बनाने वालों के सामने मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक रात आठ बजे फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 80.55 मीटर दर्ज किया गया। फाफामऊ में चार घंटे में 34 सेमी. गंगा का जलस्तर बढ़ गया। इसी तरह छतनाग में 79.97 मीटर पर गंगा पहुंच गई। जबकि नैनी में यमुना का जलस्तर 80.63 मीटर रिकार्ड किया गया। सिंचाई बाढ़ खंड के अभियंताओं के मुताबिक केन मेंं उफान की वजह से एमपी -बार्डर स्थित बरियारपुर बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद यहां जल दबाव बढ़ गया है।
90 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है। तेज प्रवाह से कछार में पानी आने लगा है। घाटों के ऊपरी हिस्से के जलमग्न होने से सबसे अधिक परेशानी तीर्थपुरोहितों और पूजा-प्रसाद, फूलमाला बेचने वालों की बढ़ी है। संगम पर चौकियां लगाने वाले तीर्थपुरोहित बांध पर आ गए हैं। हालात को देखते हुए सिंचाई बाढ़ खंड के अधिकारियों ने बांध का जायजा लिया।