यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने सुशील कुमार शर्मा व चार अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। मामले के तथ्यों के अनुसार याची वर्ष 2001 के पहले से संस्थान में कार्य कर रहे हैं। उनकी नियुक्ति नियमित है और वे वेतन पाने के हकदार हैं, लेकिन संस्थान ने उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड रूरल टेक्नोलॉजी प्रयागराज के डिग्री डिवीजन के कर्मचारियों को बर्खास्त करने व डिस्चार्ज नोटिस जारी करने पर रोक के आदेश का अनुपालन नहीं करने पर मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत और संस्थान के निदेशक विमल मिश्रा को अवमानना नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने अवमानना याचिका पर एक माह में जवाब मांगा है। कोर्ट ने आदेश के अनुपालन के लिए एक अवसर भी दिया गया है। कोर्ट ने कहा कि अनुपालन नहीं किए जाने पर अवमानना का आरोप तय किया जाएगा।
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यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने सुशील कुमार शर्मा व चार अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। मामले के तथ्यों के अनुसार याची वर्ष 2001 के पहले से संस्थान में कार्य कर रहे हैं। उनकी नियुक्ति नियमित है और वे वेतन पाने के हकदार हैं, लेकिन संस्थान ने उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया है। बर्खास्तगी आदेश के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने बर्खास्तगी आदेश पर रोक लगा दी।