कानपुर में झकरकटी बस अड्डे पर शनिवार देर रात बस से युवक के साथ उतरी किशोरी संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। युवक की बहन ने बस अड्डे पर मौजूद सिपाहियों पर ही उसका अपहरण कर ले जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। हालांकि, दोपहर बाद किशोरी नाटकीय ढंग से प्रतापगढ़ पहुंच गई, जिसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
प्रतापगढ़ के परियावां गांव निवासी इरफान अहमद बीती 25 मई को गांव से दूसरे समुदाय की नाबालिग किशोरी को साथ लेकर अहमदाबाद चला गया था। इस पर प्रतापगढ़ पुलिस ने युवक के परिजनों को हिरासत में लेकर दबाव बनाया। परिजनों के मुसीबत में होने का पता चलने पर इरफान किशोरी को साथ लेकर प्रतापगढ़ में हाजिर होने के लिए ट्रेन से कानपुर पहुंचा। पुलिस के डर से वह एक स्टेशन पहले ही उतर गया और रोडवेज बस पर बैठकर शनिवार की देर रात करीब दो बजे झकरकटी बस अड्डे पर पहुंचा।
युवक की बहन ने पुलिस कमिश्नर असीम अरुण को फोन कर बाबूपुरवा थाने के दो सिपाहियों पर किशोरी को पूछताछ के बहाने अपहरण कर ले जाने की शिकायत की। वहीं, किशोरी के न मिलने पर इरफान प्रतापगढ़ में पुलिस के सामने अकेले ही हाजिर हो गया। छानबीन हुई तो पता चला कि शाम को किशोरी भी प्रतापगढ़ पहुंच गई। थाना प्रभारी देवेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि युवक दूसरे समुदाय की किशोरी का अपहरण कर ले गया था। उसने पुलिस का दबाव पड़ने पर खुद को बचाने के लिए किशोरी के साथ मिल कर फर्जी कहानी रची थी।