कुछ आरक्षित सीट पर बैठ गए। इस वजह से जिनका ट्रेनों में पहले से रिजर्वेशन था उन यात्रियों से सीट को लेकर अभ्यर्थियों की बहस भी हुई। प्रयाग स्टेशन पर नौचंदी एक्सप्रेस से भी काफी संख्या में अभ्यर्थियों ने उसके स्लीपर कोच में बिना रिजर्वेशन सफर किया।
पुलिस भर्ती परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों के लिए रेलवे ने प्रयागराज जंक्शन स्थित अपने चारों यात्री आश्रयस्थल खोल दिए। इसके अलावा जंक्शन पर अभ्यर्थियों की मदद के लिए सहयोग काउंटर भी खोले गए। हालांकि, इस बीच प्रयागराज जंक्शन से होकर गुजरने वाली तमाम ट्रेनों के आरक्षित कोच में काफी संख्या में पुलिस भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थी घुस गए। इस वजह से आम यात्रियों को दिक्कत हुई।
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दूसरी पाली की परीक्षा के बाद जंक्शन, प्रयाग स्टेशन, प्रयागराज रामबाग में अभ्यर्थियों की भीड़ पहुंचना शुरू हो गई। इस दौरान प्रयागराज रामबाग से रेलवे ने बलिया के लिए दो स्पेशल ट्रेनें चलाईं। वहीं, प्रयागराज जंक्शन से चोपल और पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन के लिए स्पेशल ट्रेन का संचालन किया गया। जंक्शन पर पर शाम के समय गुजरने वाली नार्थ ईस्ट एक्स्प्रेस, नेताजी एक्स्प्रेस, मुरी एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में काफी संख्या में अभ्यर्थी घुस गए। कुछ ऐसे रहे जो चादर बिछाकर फर्श पर ही बैठ गए।
कुछ आरक्षित सीट पर बैठ गए। इस वजह से जिनका ट्रेनों में पहले से रिजर्वेशन था उन यात्रियों से सीट को लेकर अभ्यर्थियों की बहस भी हुई। प्रयाग स्टेशन पर नौचंदी एक्सप्रेस से भी काफी संख्या में अभ्यर्थियों ने उसके स्लीपर कोच में बिना रिजर्वेशन सफर किया।
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कानपुर मेमू शनिवार को फतेहपुर की जगह सूबेदारगंज तक लाई गई। बाद में यही कानपुर के लिए रवाना हुई। वहीं, दूसरी ओर जंक्शन पर यात्री आश्रयस्थल खुलने से तमाम अभ्यर्थियों ने वहीं चादर आदि बिछाकर विश्राम किया।
स्टेशन के आसपास लॉज, होटल आदि में जिन्हें जगह नहीं मिली, वह भी यात्री आश्रय स्थल पर आ गए। यहां कुछ महिला अभ्यर्थी भी अपने अभिभावकों के साथ देखी गईं। इसे देखते हुए आरपीएफ ने यात्री आश्रयस्थल पर महिलाकर्मियों की भी तैनाती कर दी। प्रयागराज मंडल के पीआरओ अमित कुमार सिंह ने बताया कि आने वाली परीक्षाओं में भी अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए यात्री आश्रयस्थल खुले रहेंगे।