उम्मीद जगी है...
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. जय सिंह बताते हैं कि हाल ही उनकी यहां पर नियुक्ति हुई है। उनके आने से पहले स्कूल में बच्चों का नामांकन न के बराबर था। उन्होंने शिक्षकों की मदद से अगल-बगल के गांवों में जाकर बच्चों को स्कूल में नामांकन के लिए जागरूक किया। अब बालकों को भी प्रवेश दिया जा रहा है। इस सत्र में 26 बालक और 34 बालिकाओं को मिलाकर कुल 60 बच्चे हैं। बच्चों की संख्या बढ़ाने का प्रयास जारी है।
खेत से होकर स्कूल पहुंचते हैं बच्चे
विद्यालय की स्थापना तो कर दी गई लेकिन आज तक मुख्य सड़क से स्कूल तक पहुंचने के लिए रास्ता नहीं बन सका। खेतों से होकर पहुंचना पड़ता है। प्रधानाचार्य डॉ. जय सिंह ने बताया कि रास्ते के लिए खंड विकास अधिकारी उरुवा से मिलकर समस्या बताई गई है। समस्या दूर करने का आश्वासन मिला है।
बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए निर्देशित किया गया है। लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - पीएन सिंह जिला विद्यालय निरीक्षक प्रयागराज।