हैदराबाद में छात्र रोहित बेमुला की मौत के मामले में कांग्रेसियों ने शनिवार को इलाहाबाद आए केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान का रास्ता रोक लिया। मंत्री को अपने वाहन से उतकर कांग्रेसियों से बात करनी पड़ी। कांग्रेसियों ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने एवं 50 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग की। मंत्री का रास्ता रोकने पर कांग्रेसियों और राम विलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के कार्यकर्ताओं के बीच धक्कामुक्की भी हुई।
केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान शनिवार को जैसे ही सर्किट हाउस के गेट पर पहुंचे, वहां पहले से धरने पर बैठे कांग्रेसियों ने उनका रास्ता रोक लिया और ‘राम विलास वापस जाओ’, ‘दलितों का सम्मान कराओ’, ‘रोहित देश शर्मिंदा है, तेरे कातिल जिंदा हैं’, ‘रोहित के हत्यारों को गिरफ्तार कराओ’ जैसे नारे लगाने लगे। कांग्रेसी मंत्री के वाहन के सामने खड़े हो गए।
पांच मिनट बाद मंत्री अपने वाहन से उतरे और कांग्रेसियों से मुलाकात की। कांग्रेसियों ने मंत्री को ज्ञापन देते हुए मांग की कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए और 50 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। कांग्रेसियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, शहर में किसी केंद्रीय मंत्री को प्रवेश नहीं करने देंगे। इस दौरान कांग्रेसियों और लोजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प और धक्कामुक्की भी हुई, लेकिन मंत्री के हस्तक्षेप के बाद लोजपा कार्यकर्ता पीछे हट गए। मंत्री का घेराव करने वालों में कांग्रेस नेता मुकुंद तिवारी, तारिक सईद अज्जू, हसीब अहमद, श्रीश दुबे, जिया उबैद खान, वीरेंद्र सोनकर, दीप चंद्र शर्मा, अज्म सईद, इरशाद उल्ला, अभिन्न वार्ष्णेय, राजेश निषाद, मोहम्मद हसीन, इशरत अली चांद, रामजी यादव, अनिल चौधरी, पिंटू श्रीवास्तव आदि शामिल रहे।