बहरिया से सिकंदरा कस्बे में विरोध प्रदर्शन करते कांग्रेसी
सिकंदरा में नजरबंदी से छूटने के बाद कांग्रेसियों ने बृहस्पतिवार को पैदल मार्च निकाल विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस से उनकी नोकझोंक हो गई। पुलिस ने किसी तरह समझाकर शांत कराया और फिर से सभी लोगों को नजरबंद कर दिया।
शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में बुधवार को प्रदर्शन के लिए सिकंदरा से दिल्ली कूच कर रहे कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर नजरबंद कर दिया था। इससे आक्रोशित होकर बृहस्पतिवार को कांग्रेस गंगापार जिला अध्यक्ष अशफाक अहमद के नेतृत्व में पदयात्रा निकालकर प्रदर्शन किया और सरकार विरोधी नारे लगाए।
पदयात्रा की अध्यक्षता कर रहे अशफाक अहमद ने सरकार की तानाशाही नीतियों पर तीखा प्रहार किया। जिलाध्यक्ष ने कहा का धांधली के जिम्मेदार शिक्षामंत्री को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना ही होगा। मौके पर निशा सिंह, मंजू मौर्या, सुनील पांडेय, समशुल कमर, डाॅ.अमर सिंह पटेल, अफजाल अहमद, रितेश पासी आदि रहे।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य को किया नजरबंद
सारी पट्टी गांव में सपा के पूर्व जिला पंचायत सदस्य विकास निगम पासी के नेतृत्व में दादूपुर-करनाईपुर संपर्क मार्ग पर प्रदर्शन और जुलूस प्रस्तावित था। पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य सहित श्याम सिंह यादव समेत कई सपा कार्यकर्ताओं को उन्हें नजरबंद कर दिया। विकास निगम ने बताया कि जंतर-मंतर पर चल रहे धरना-प्रदर्शन के समर्थन में क्षेत्र में जुलूस निकाला जाना था, लेकिन कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही पुलिस ने उन्हें नजरबंद कर दिया। बहरिया थाना प्रभारी मानवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।