इलाहाबाद(ब्यूरो)। हाईकोर्ट ने वाराणसी में प्रतिकार रैली के दौरान हुई हिंसा के मामले में जेल में बंद कांग्रेसी विधायक अजय की जमानत अर्जी पर प्रदेश सरकार से जवाब तलब किया है। राय के प्रार्थनापत्र पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति आरडी खरे ने सरकार को 20 नवंबर तक अपना पक्ष हलफनामा के माध्यम से रखने को कहा है।
प्रकरण के अनुसार वाराणसी में प्रतिमा विसर्जन को लेकर पुलिस ने शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके समर्थकों पर लाठी चार्ज किया था। इसके विरोध में पांच अक्तूबर को बनारस में प्रतिकार रैली का आयोजन किया गया। रैली के दौरान जबरदस्त हिंसा हुई। स्वामी के समर्थक और पुलिस के बीच मारपीट के दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस और पब्लिक वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। सार्वजनिक संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचा। इस मामले में पुलिस ने कांग्रेस नेता अजय राय सहित तमाम लोगों के खिलाफ दशाश्वमेध थाने में मुकदमा दर्ज किया है।
अजय राय पर बलवा, मारपीट, जानलेवा हमला, आगजनी, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, सरकारी काम में बाधा पहुंचाने सहित तमाम गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इन मामलों में सेशन कोर्ट से जमानत नामंजूर होने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट में प्रार्थनापत्र दाखिल किया है। जमानत पर 20 नवंबर को सुनवाई होगी। अजय राय का पक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल चतुर्वेदी रख रहे हैं, जबकि प्रदेश सरकार के सहायक शासकीय अधिवक्ता एमकेएस यादव ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि अभियुक्त के खिलाफ रासुका के तहत भी कार्रवाई की गई है।