कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने लगाया आरोप, बीजेपी सरकार में किसान और नौजवान परेशान
प्रयागराज। कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद प्रमोद तिवारी ने शनिवार को कांग्रेस के किसान आंदोलन में मोदी और भाजपा पर जमकर निशाना साधा। कहा, अंग्रेजों की ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह ही बीजेपी सरकार 61 ईस्ट इंडिया कंपनियों जैसे राष्ट्रीय पूंजीपति के माध्यम से देश को आर्थिक गुलामी की ओर से ले जा रही है।
सिविल लाइंस स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान
मुखातिब कांग्रेसी नेता ने कहा कि बीजेपी सरकार में असमानता की खाईं बढ़ी है। आज 61 पूंजीपतियों का वार्षिक बजट देश केबजट के बराबर हो गया है। कहा कि 46 सालों में बेरोजगारी चरम पर है। किसानों को उनकी की उपज का मूल्य न देने, सुविधाएं न मिलने से आज किसान आत्महत्या को मजबूर हैं। इसी के विरोध में कांग्रेस ने एक व्यापक आंदोलन शुरू किया है। यह 17 मार्च को लखनऊ में विधानसभा केसामने प्रदर्शन के साथ समाप्त होगा।
उन्होंने दिल्ली चुनाव पर कहा कि मोदी सरकार सांप्रदायिक तनाव पैदा कर देश में आग लगा रही है। केजरीवाल पर बीजेपी की बी टीम की तरह काम करने का आरोप लगाया। सीएए और एनआरसी को संविधान के खिलाफ बताया। कहा, मामला सुप्रीम कोर्ट में है। पूरा विश्वास है कि यह असंवैधानिक घोषित होगा। राहुल के ‘डंडे पड़ने’ वाले बयान को कहावत बताया। कहा कि इनका कोई शाब्दिक अर्थ नहीं होता। उन्होंने कहा कि पीएम ने तो सदन में असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया। सभापति ने उसे सदन की कार्रवाई से निकाला है। राहुल पर अंगुली उठाने की बजाय पहले अपने मंत्रियों को बर्खास्त करना चाहिए। जिन्होंने कहा, गोली मारो..., जिन्होंने कहा ‘ऐसे लोगों को जला देना चाहिए,’ ‘हाथी केपैरों केनीचे रौंद देना चाहिए।’ इस मौके पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष नफीस अहमद, खुश्न नवेदा फारूकी, सुशील तिवारी, राम किशन पटेल, मुकुं द तिवारी, हसीब अहमद आदि मौजूद रहे।